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Charkhi Dadri News: मृतक ठेकेदार जगदीश पहल का फर्जी परनोट तैयार करवाकर दिखाई 14 लाख की देनदारी

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सिटी थाना जहां फर्जी परनोट मामले में केस दर्ज किया गया है।
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चरखी दादरी। दिवंगत पहाड़ ठेकेदार जगदीश पहल का फर्जी परनोट तैयार करवाने का मामला सामने आया है। ठेकेदार के मुनीम का आरोप है कि इस परनोट के जरिये आरोपियों ने 14 लाख रुपये मांगे। मुनीम की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने तीन नामजद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। खास बात ये है कि परनोट पर जगदीश पहल की हत्या से दो दिन पहले की तारीख है।
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पुलिस को दी शिकायत में एमसी कॉलोनी निवासी विकास ने बताया कि वो ठेकेदार जगदीश पहल के यहां कई साल से मुनीम का कार्य कर रहा है। 21 जुलाई 2014 को जगदीश पहल की हत्या हुई थी। उनकी मौत के बाद वो उनके बेटों के पास मुनीम का कार्य कर रहा है। कई वर्षों तक जगदीश पहल के साथ काम करने के कारण वो उनकी सभी प्रकार के लेन-देन के बारे अच्छी तरह से जानता है।
विकास ने बताया कि जगदीश ने नौरंगाबास राजपूतान निवासी कृष्ण कुमार से 3.05 लाख रुपये लेने थे। 21 दिसंबर 2013 को इस मामले में कोर्ट ने फैसला जगदीश के हक में सुनाया था। मुनीम विकास का आरोप है कि कृष्ण ने कोर्ट के फैसले के अनुसार रुपये नहीं दिए। इसके बाद 21 जुलाई 2014 को जगदीश पहल की हत्या हो गई। ठेकेदार जगदीश पहल के बेटों ने जब कृष्ण से कोर्ट के फैसले अनुसार रुपये मांगे तो देनदारी से बचने के लिए कृष्ण कुमार ने अपने गांव निवासी ग्यारसीलाल, ओमप्रकाश व अन्य के साथ षड्यंत्र रचकर 8 लाख रुपये का फर्जी परनोट बना लिया, जिसमें तारीख 18 जुलाई 2014 डाली गई जो जगदीश पहल की हत्या से दो दिन पहले की थी। इस परनोट पर फर्जी अंगूठा भी लगाया गया। उक्त फर्जी परनोट के आधार पर कृष्ण ने 14 लाख रुपये मांगे।
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- परनोट पर लगे अंगूठे के निशान पर हुआ शक
मुनीम विकास ने बताया कि 28 मार्च 2023 को उसने परनोट की नकल ली तो उस पर लगा जगदीश पहल के अंगूठे का निशान फर्जी होने का शक हुआ। इसके बाद उसने हैंड राइटिंग एंड फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट शमशेर मलिक को जगदीश पहल का रजिस्ट्री पर लगा अंगूठा दिखाकर मिलान करवाया। एक्सपर्ट ने बताया कि परनोट पर लगा अंगूठे का निशान किसी अन्य व्यक्ति के दाहिने हाथ का है, जबकि अंगूठा निशान पुरुष के बाएं हाथ का लगता है। मुनीम ने बताया कि जगदीश पहल पढ़े लिखे थे और वे कभी अंगूठा नहीं लगाते थे।

- सवा 9 साल बाद भी पुलिस नहीं सुलझा पाई हत्या की गुत्थी
जगदीश पहल की सुबह के समय घर में गोलियां मारकर हत्या की गई थी। इस हत्याकांड को सवा 9 साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस उनकी हत्या की गुत्थी नहीं सुलझा पाई है। सरकार ने ये केस कई जांच एजेंसी को सौंपा, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। मृतक के परिजन इस मामले को लेकर आला पुलिस अधिकारियों समेत गृहमंत्री और मुख्यमंत्री से भी मिल चुके हैं।


आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468 व 471 के तहत केस दर्ज किया है। जल्द ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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-राजकुमार, एसआई एवं सिटी थाना प्रभारी
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