स्कूल खुलने पर मेडिकल प्रमाण पत्र जमा करवाने की अनिवार्यता से सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी बढ़ गई है। बढ़ी ओपीडी का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि दो दिन में 800 विद्यार्थी स्वास्थ्य जांच करवाने सिविल अस्पताल पहुंचे हैं, इन सभी के कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल भी लिए हैं। हालांकि इनमें से करीब 40 विद्यार्थियों में लक्षण नजर आए, जिन्हें होम आइसोलेट किया गया है।
सरकार ने 14 दिसंबर से दसवीं और बारहवीं की कक्षाएं लगाने को मंजूरी दे दी है। हालांकि इस बार मेडिकल प्रमाण पत्र भी अनिवार्य किया गया है। चार दिनों से जिले के विद्यार्थी इस अनिवार्यता को पूरी करवाने के फेर में फंसे हैं। यही कारण है कि पिछले दो दिनों से सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी 700 तक पहुंच गई है। दो दिनों में 800 स्कूली बच्चे स्वास्थ्य की जांच करवाने पहुंचे हैं। इन सभी बच्चों के कोरोना के लिए सैंपल लिए हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान करीब 40 बच्चों में कोरोना के लक्षण नजर आए थे, जिन्हें होम आइसोलेट किया गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी स्कूलों में जाकर सैंपल ले रही हैं।
दूसरे दिन भी 50 फीसदी ही रही उपस्थिति
स्कूल खुलने पर मंगलवार को दूसरे दिन भी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति 50 प्रतिशत ही रही। कई राजकीय स्कूलों में तो उपस्थिति दर 20 प्रतिशत से भी कम रही है, जबकि कुछ में कक्षा की संख्या से आधे ही छात्र पहुंचे। राजकीय की बजाय निजी स्कूलों में उपस्थिति दर अधिक रही।
तीन से चार दिन में आ रही सैंपलों की रिपोर्ट
जिले में अब सैंपल भेजने की प्रक्रिया में तो काफी सुधार आया है। खामी पकड़ में आने के बाद अब 24 घंटे के अंदर ही सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे जा रहे हैं। अब सैंपलों की रिपोर्ट देरी से आना बड़ी समस्या बना हुआ है। जिले से भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट 72 से 96 घंटे बाद आ रही है। स्कूलों में हाजिरी कम रहने का यह भी मुख्य कारण माना जा रहा है।
स्कूलों के लिए जारी हिदायतें
- स्कूल के प्रवेश द्वार पर बच्चे की थर्मल स्क्रीनिंग हो।
- मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करवाने पर ही कक्षा में बच्चा बैठेगा।
- कक्षा में बच्चों को समाजिक दूरी का ध्यान रखकर बैठाया जाए।
- कक्षा में मौजूद सभी बच्चे और शिक्षक मास्क लगाए हुए हो।
- स्कूलों बसों और कक्षाओं को नियमित सेनिटाइज करवाया जाए।
पीएचसी से सैंपल देने के लिए दादरी भेजीं छात्राएं
- मैं सांवड़ राजकीय कन्या स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ती हूं। मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए मैं पीएचसी में गई थी, वहां से मुझे दादरी अस्पताल भेज दिया गया। अब यहां सैंपल देने आई हूं।
प्रिया, छात्रा, दसवीं कक्षा
- स्कूल में मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करवाना है और इसके बिना कक्षा में बैठने की अनुमति नहीं है। मैं आज सुबह पीएचसी सांवड़ सैंपल देने गई थी, लेकिन वहां से मुझे दादरी अस्पताल भेज दिया।
कविता, छात्रा, दसवीं कक्षा
स्कूलों में कोविड को लेकर जारी की गई एडवाइजरी का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हम स्कूलों का निरीक्षण भी कर रहे हैं। नई गाइडलाइन की जानकारी हमने सभी स्कूल संचालकों को दे रखी है। विद्यार्थियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ जाएगी।
जेपी सभ्रवाल, डीईओ, चरखी दादरी
सिविल अस्पताल की ओपीडी अब बढ़ी है। पिछले दो दिनों में करीब 800 विद्यार्थी स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचे हैं, सभी के एहतियात के तौर पर हमने सैंपल लिए हैं। ज्यादातर की रिपोर्ट बुधवार शाम तक आने की संभावना है।
संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ।