धारा-144 लागू होने के बावजूद खाप, किसान, सामाजिक और कर्मचारी संगठनों ने पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम अनुसार सोमवार को शहर में प्रदर्शन किया। रोज गार्डन से प्रदर्शन की शुरूआत की गई और लघु सचिवालय पहुंचकर किसानों ने धरना और आमरण अनशन किया। दो घंटे के लंबे इंतजार के बाद किसानों के बीच डीसी को नए कृषि कानूनों को वापस लेने संबंधी ज्ञापन सौंपा गया। सोमवार के प्रदर्शन में करीब 350 लोगों ने हिस्सा लिया।
किसान और सामाजिक संगठनों समेत खापों के पदाधिकारियों ने किसान आंदोलन के समर्थन में जिले में 14 दिसंबर को प्रदर्शन करने का एलान किया था। प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट रहा। प्रस्तावित कार्यक्रम अनुसार विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों समेत किसान सुबह साढ़े नौ बजे रोज गार्डन पहुंचना शुरू हो गए। दादरी विधायक एवं सांगवान खाप प्रधान सोमबीर सांगवान समेत फौगाट खाप प्रधान नंबरदार बलवंत फौगाट, रणधीर घिकाड़ा, रामकुमार सोलंकी, कमलेश भैरवी, जगबीर घसोला, विनय मैहड़ा आदि लोगों ने अपने संबोधन में कृषि कानून बनाने पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने एकमत से कहा कि ये कानून कृषि और किसान विरोधी हैं, जिन्हें किसी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
दोपहर 12 बजे रोज गार्डन से प्रदर्शन शुरू किया गया। 12:45 पर प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने धरना और आमरण अनशन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन देने का मैसेज डीसी राजेश जोगपाल के पास भेजा। दोपहर करीब 1:15 पर डीसी प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम विरेंद्र सिंह और सीटीएम सुरेश कुमार किसानों से ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे। लेकिन किसानों ने उन्हें ज्ञापन देने से इंकार कर वापस लौटा दिया। दोपहर 2:59 पर डीसी किसानों के बीच पहुंचे और उनसे ज्ञापन लिया।
डीसी ने पहले बरामदे में तो फिर गेट पर बुलाया, किसानों ने किया इंकार
करीब दो घंटे का इंतजार करवाने के बाद किसानों से ज्ञापन लेने पहुंचे डीसी राजेश जोगपाल ने पहले किसानों के प्रतिनिधिमंडल को बरामदे में बुलाया, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद डीसी गेट पर ज्ञापन देने के लिए बुलाने लगे तो वो भी किसानों ने मना कर दिया। इसके बाद डीसी ने किसानों के बीच पहुंचकर ज्ञापन लिया।
12 ड्यूटी मजिस्ट्रेट और 100 से अधिक पुलिसकर्मी रहे तैनात
किसानों और संगठनों के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए डीसी ने तीन दिन पहले धारा-144 लागू करने के अलावा 12 ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए थे। सोमवार को प्रदर्शनकारियों पर नजर रखने और कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। प्रदर्शन के मद्देनजर लघु सचिवालय में महिला पुलिस की तैनाती भी की गई।
ये पहुंचे प्रदर्शन को समर्थन देने
विजय मंदोला, शमशेर फौगाट, रोडवेज यूनियन से बलबीर जाखड़, फौगाट खाप कानूनी सलाहकार गिरेंद्र फौगाट, मजदूर नेता सुमेर, अन्नदाता किसान यूनियन से रामकुमार, फौगाट खाप प्रधान बलवंत नंबरदार, पार्षद विरेंद्र पप्पू, चिड़िया खाप प्रधान राजबीर शास्त्री, आशा वर्कर यूनियन से कमलेश भैरवी, बलजीत फौगाट, प्रभुराम गोदारा, दलबीर गांधी, सज्जन कुमार, कन्नी-13 प्रधान सुरेंद्र कुब्जानगर, राजकुमार आदि प्रदर्शन में शामिल हुए।
बस स्टैंड रोड की ट्रैफिक व्यवस्था रही बाधित
किसानों और संगठनों के प्रदर्शन के दौरान बस स्टैंड रोड और कोर्ट रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था बाधित रही। 12 बजे प्रदर्शन शुरू करने के बाद किसान साढ़े 12 बजे परशुराम चौक पर और 12:45 पर लघु सचिवालय के अंदर पहुंचे। इस 45 मिनट की समयावधि में बस स्टैंड रोड पर ट्रैफिक वन-वे रहा।
ज्ञापन भेजेंगे सरकार के पास, किसानों पर दर्ज होगा मामला: डीसी
डीसी राजेश जोगपाल ने कहा कि किसानों के मांगपत्र को सरकार के पास भेज दिया जाएगा। धारा-144 लागू होने के बावजूद प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और इसके चलते उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डीसी के हाथ में पावर, हम मुकदमे से डरने वाले नहीं : विधायक
किसानों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले विधायक सोमबीर सांगवान ने कहा कि किसानों पर मामला दर्ज करने की डीसी के हाथ में पावर है। मुकदमे से हम डरने वाले नहीं हैं, किसान अपना हक लेकर ही रहेंगे।
Despite Section 144, farmers demonstrated in the city- फोटो : CharkhiDadri
Despite Section 144, farmers demonstrated in the city- फोटो : CharkhiDadri