चरखी दादरी। जिले के राजकीय स्कूलों में 50 प्रतिशत शिक्षक ही सिलेबस की दैनिक योजना बनाकर पढ़ाई करवा रहे हैं। वहीं, इतने ही इस शिक्षक इस शिक्षण विधि से किनारा किए हुए हैं। हाल ही में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से किए गए स्कूलों के निरीक्षण में ये तथ्य सामने आए हैं। इतना ही नहीं स्कूलों में छात्र अनुपस्थिति 25 से 30 प्रतिशत के बीच मिली है। जांच में यह भी भी आया कि 10 प्रतिशत शिक्षक अपनी दैनिक डायरी तक नहीं लिख रहे हैं।
बता दें कि मेगा मॉनीटरिंग में डीईओ, डीईईओ, डीपीसी, बीईओ, बीआरपी, एबीआरसी व डाइट स्टाफ को शामिल किया गया। मॉनीटरिंग के बाद डीईओ ने सभी स्कूलों के हेडमास्टर व प्राचार्य की मीटिंग लेकर मॉनीटरिंग का विश्लेषण किया। इससे पहले मेगा मॉनीटरिंग में दादरी ब्लॉक से 30, बौंदकलां ब्लॉक से 38 और बाढड़ा ब्लॉक से करीब 35 हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों का निरीक्षण किया गया। इन निरीक्षण के आधार पर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार की गई है। संवाद
इन बिंदुओं को शामिल किया गया मॉनिटरिंग में
ई-अधिगम शिक्षण, स्मार्ट कक्षा शिक्षण, शिक्षक द्वारा डायरी लेखन कार्य, कक्षा में छात्र उपस्थिति, शिक्षक उपस्थिति, स्कूल भवन, चहारदीवारी, शिक्षण सहायक सामग्री, लैब इस्तेमाल हो रही है या नहीं, पाठ्यक्रम पूरा हुआ है या नहीं, मिड-डे-मिल स्थिति, कक्षा संख्या, पेयजल सुविधा, खेल मैदान, बिजली व्यवस्था देखी गई। इसके अलावा आईसीटी सुविधा, स्कूल भवन मरम्मत ग्रांट, मेजर रिपेयर ग्रांट, सिविल वर्क ग्रांट, लाइब्रेरी पुस्तक संख्या व रख-रखाव, लैब सुविधा, सोलर सिस्टम, जेनरेटर सुविधा, हेडमास्टर की कक्षाओं में प्रतिदिन की विजिट की भी मॉनीटरिंग की गई है। इसके अलावा कितनी छात्राएं परिवहन सुविधा का लाभ उठा रही हैं, क्या छात्राओं को फ्री में सेनेटरी पैड उपलब्ध करवाया जा रहा है, कितने विद्यार्थियों को सिम कार्ड जारी किए गए हैं, एबीआरसी व बीआरपी ने कितनी बार स्कूल का दौरा किया, विद्यार्थियों को कितने दिन दूध पिलाया जा रहा है, स्कूल प्रबंधन समिति व स्कूल तालमेल व उनके कार्य की भी मॉनीटरिंग की गई है या नहीं। इन बिंदुओं का भी निरीक्षण के दौरान ध्यान रखा गया।
- जिले में 346 राजकीय स्कूलों में पढ़ रहे 45131 विद्यार्थी
शिक्षा में गुणवत्ता में सुधार के लिए विभाग की ओर से इस दिशा में काम किया जा रहा है। बुनियादी साक्षरता, भाषा एवं संख्या ज्ञान पर ज्यादा बल दिया जा रहा है। जिले में करीब 364 राजकीय प्राइमरी, मिडिल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं जिनमें 45 हजार 131 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। 10 हजार 351 छात्रों को टैब भी दिए हुए हैं ताकि ई-अधिगम को बढ़ावा दिया जा सके। जिले में करीब 2800 शिक्षक कार्यरत हैं।
- निरीक्षण में ये आया सामने
मॉनीटरिंग में तकरीबन सभी स्कूलों में बिजली की समस्या प्रमुखता से सामने आई है। तकरीबन स्कूलाें में पाठ्यक्रम पूरा करवाया मिला है लेकिन पाठ्य योजना के बिना ही करवाया गया है। बिजली की समस्या के चलते स्मार्ट रूम में शिक्षण कार्य में बाधा मिली है। अब तक 46 प्रतिशत छात्र ही ई-अधिगम हुए हैं। टीम ने 113 कॉलम का गूगल फॉर्म भरवाया है जिसमें इन सभी बिंदुओं को शामिल किया गया है।
- ये अधिकारी पहुंचे स्कूलों में
मॉनिटरिंग टीम में डीईओ कृष्णा फौगाट, डीईईओ नवीन नारा, डीपीसी जलधीर सिंह कलकल, बीईओ राजबाला, बीआरपी महेंद्र सिंह के अलावा कुछ स्कूलों के प्राचार्य व डाइट प्रवक्ता शामिल रहे।