चरखी दादरी। जिले में रबी व खरीफ सीजन वर्ष 2020-21 में नहरी पानी चोरी करने के एवज में सिंचाई विभाग ने 4800 किसानों पर 28 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। जिले में करीब सात हजार किसानों को नहरी पानी की चोरी के आरोप में चिह्नित किया गया था। इन किसानों की एक्सईएन कार्यालय में सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की गई है। अब राजस्व विभाग इन किसानों से यह जुर्माना राशि वसूलेगा। राशि जमा नहीं करवाने पर किसानों को जमीन की एनओसी आदि के लिए क्लीनचिट नहीं मिल सकेगी।
सिंचाई विभाग नहरों में पानी छोड़ने के साथ ही पानी की चोरी रोकने के लिए छापा मारता है। किसान नहरों पर साइफन पाइप, इंजन आदि लगाकर पानी का उठान कर लेते हैं, जिससे सीधे रूप में पानी की चोरी होती है। यही वजह है कि पानी टेल तक नहीं पहुंच पाता, जिससे जलघर और जोहड़ खाली रहते हैं। किसान को नियमानुसार सरकारी मोगे से खेतों की सिंचाई करनी होती है, लेकिन नहरों में बहुत कम मात्रा में सरकारी मोगे होने की वजह से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती। ऐसे में किसान नहरों से सीधे ही पानी का उठान कर लेते हैं।
जिले को कम मात्रा में मिलता है पानी -
गर्मी सीजन में नहरों में 15 दिन पानी चलता है और 24 दिन बंद रहता है। ऐसे में पानी की किल्लत बनी रहती है। इससे पहले रूटीन में जिले में नहरी पानी की टर्म 15 दिन की होती थी। 30 दिन में 15 दिन ही पानी बंद होता था। जिले को नहरी पानी हैड से कम ही मात्रा में मिलता है। जब नहरों में पानी चलता है तो अधिकारी नहरों पर छापा मारकर पानी चोरी के मामले पकड़ते हैं। किसानों को पानी की चोरी करने पर चिह्नित कर लिया जाता है और बाद में इनकी एक्सईएन कार्यालय में सुनवाई होती है। सुनवाई के बाद मामलों का निपटारा हो पाता है।
सात हजार मामले थे पेंडिंग -
जिले मेें पानी चोरी के सात हजार मामले पेंडिंग चले आ रहे थे। इन मामलों की एक्सईएन कार्यालय में सुनवाई प्रक्रिया पूरी की गई है। कुछ दिन पहले ही यह सुनवाई प्रक्रिया पूरी हो सकी है। सुनवाई के बाद 4800 किसानों पर 28 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। रबी सीजन वर्ष 2020-21 में 3200 किसानों पर 16 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसी प्रकार इसी वर्ष में खरीफ सीजन में 1600 किसानों पर 12 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। अब राजस्व विभाग नंबरदारों की सहायता से इन किसानों से यह राशि वसूलेगा।
वर्जन
विभाग को नहरों पर सरकारी मोगे लगाने चाहिए और नालों का निर्माण करवाना चाहिए। ऐसा होने पर किसान पानी का उठान कतई नहीं करेगा। सरकारी मोगे नहीं तो नहरों पर मोटर लगा देनी चाहिए, ताकि सिंचाई का काम हो सके । किसान फसलों की सिंचाई नहीं करेगा तो उसके लिए तो हर साल अकाल पड़ेगा। किसान की जमीन तो पहले ही सरकार के पास गिरवी है। सरकार को किसान के लिए सिंचाई के पानी का उचित प्रबंध करना चाहिए।
- सुनील पहलवान, प्रदेश अध्यक्ष, जनहित किसान यूनियन।
वर्जन -
4800 किसानों की सूची तैयार कर ली गई है। इन किसानों से जुर्माना वसूला जाएगा। वसूली का काम राजस्व विभाग करेगा। किसानों की सुनवाई प्रक्रिया पूरी करने के बाद विभागीय नियमानुसार यह जुर्माना राशि लगाई है। सुनवाई के दौरान मुश्किल से 15 प्रतिशत किसान ही हाजिर हुए।
- एक्सईएन सतेंद्र कुमार, सिंचाई विभाग।