चरखी दादरी। शहर में जगह-जगह सीवर मैनहोल के ढक्कन या तो खुले या फिर क्षतिग्रस्त पड़े हैं, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग चाहकर भी इस समस्या से लोगों को निजात नहीं दिला पा रहा है। संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि शहर में इस समय 150 के करीब सीवर मैनहोल के ढक्कन बदलने की जरूरत है, लेकिन विभाग के स्टॉक में एक भी ढक्कन उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति एक दो दिन से नहीं, बल्कि पिछले एक माह से बनी हुई है। दूसरी ओर खुले मैनहोल के अलावा क्षतिग्रस्त ढक्कनों को बदलने की मांग प्रतिदिन विभागीय अधिकारियों के पास पहुंच रही है।
शहर के 21 वार्डों में कई जगह ऐसी हैं जहां मैनहोल पर ढक्कन ही नहीं है। लोगों ने कहीं लकड़ी लगाकर तो कहीं मैनहोल पर कपड़ा बांधा हुआ है, ताकि लोग हादसों का शिकार न हो। वहीं, शहर में खुले पड़े मैनहोल किसी भी लिहाज से सही नहीं हैं और इनके चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए संवाददाता ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बातचीत की तो सामने आया कि स्टॉक में एक भी ढक्कन नहीं है और इसके चलते वो सीवर मैनहोल की खामियों को दूर नहीं कर पा रहे।
नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि पिछले एक माह से सीवर मैनहोल के ढक्कन मंगवाने के लिए प्रयासरत हैं। इस संबंध में मुख्यालय डिमांड भेजी जा चुकी है, लेकिन अभी तक मैनहोल के ढक्कन नहीं स्टोर में नहीं पहुंचे हैं। अधिकारी के अनुसार वो स्वयं सीवर मैनहोल ढक्कनों की शिकायतों से परेशान हैं। स्टॉक में ढक्कन आते ही जरूरत के अनुसार सीवर मैनहोल पर नए ढक्कन लगा दिए जाएंगे। इस समय विभाग के पास मैनहोल ढक्कन बदलने की तीन से चार डिमांड प्रतिदिन आ रही हैं।
वहीं, मैनहोल के ढक्कन टूटने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इसके चलते स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के मैनहोल में गिरने का अंदेशा रहता है। लोगों ने विभाग से बारिश के मौसम से पहले क्षतिग्रस्त ढक्कनों को बदलने और खुले मैनहोल को ढकने की मांग की है, ताकि जलभराव होने पर आवागमन में बाधा न आए।
- ढक्कन टूटने के चलते गंदगी आती है बाहर
वार्ड- 17 निवासी संजीव, दीपेश, मंजीत और मोहन, वार्ड-18 निवासी सुशील, रामकिशन, हरीश और पंकज ने बताया कि सीवर मैनहोल के ढक्कन टूटे होने के चलते लाइनों की गंदगी ओवरफ्लो होकर बाहर आ जाती है। इस समस्या से लोग बेहद परेशान हैं। लोगों ने बताया कि शहर में सीवर व्यवस्था पहले ही चरमराई हुई है जबकि मैनहोल के क्षतिग्रस्त ढक्कन परेशानियों को और बढ़ा रहे हैं।
- यहां क्षतिग्रस्त मिले सीवर मैनहोल ढक्कन
मुख्य बाजार, गांधी नगर, प्रेम नगर, दिल्ली रोड, लोहारू रोड, एमसी कॉलोनी, घिकाड़ा रोड, कबीर बस्ती, रविदास बस्ती, चंपापुरी, मथुरी घाटी, हरि नगर, विश्वकर्मा कॉलोनी व शनि मंदिर वाली गली आदि क्षेत्रों में सीवर मैनहोल के ढक्कन टूटे हुए हैं। शहर में करीब 30 जगहों पर तो सीवर मैनहोल पर ढक्कन ही गायब है। अगर इनको जल्द ही नहीं ढका गया तो कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
- एक माह में ये हो चुके हादसे
- करीब एक माह पहले परशुराम चौक के समीप खुले सीवर मैनहोल में गिरकर शिक्षिका घायल हो गई थी।
- 20 दिन पहले शनि मंदिर वाली गली में खुले सीवर मैनहोल के चलते उसमें गिरकर बाइक सवार घायल हुआ था।
- तंबाकू फैक्टरी के पास एक माह पहले सड़क के लेवल मैनहोल एक फुट नीचे होने से बाइक सवार संतुलन खोकर घायल हुआ।
- तत्कालीन डीसी ने दी थी मामला दर्ज करवाने की चेतावनी, फिर पर नहीं हुआ असर
तत्कालीन डीसी प्रदीप गोदारा ने करीब तीन माह पहले जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शहर के सभी क्षतिग्रस्त ढक्कनों को बदलने के निर्देश दिए थे। इसके लिए उन्होंने एक सप्ताह का समय दिया था और निर्धारित समयावधि में यह काम न करने पर एफआईआर दर्ज करवाने की चेतावनी दी थी। उनकी चेतावनी का भी कोई असर नहीं हुआ और निर्धारित समय बीतने के बाद डीसी के तेवर भी ठंडे पड़ गए।
विभाग ने 100 ढक्कनों की डिमांड भेज रखी है। जैसे ही ढक्कन मिल जाते हैं टूटे हुए को बदल दिया जाएगा। लोगों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। जहां ढक्कनों को बदलने की जरूरत है उनमें से कई जगहों की जानकारी हमारे पास है।
-विशाल सिंगला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
पंचनंद चौक से कॉलेज की तरफ जाने वाली सड़क पर क्षतिग्रस्त सीवर मैनहोल ढक्कन।- फोटो : CharkhiDadri