सीएम ने की घोषणा-बारिश प्रभावित किसानों के ट्यूबवेल बिजली बिलों का भुगतान व ऋण वसूली स्थगित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने भारी बारिश व जलभराव से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले किसानों को दिवाली से पहले मुआवजा दे दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी बुधवार को प्रेस वार्ता में दी।
सैनी ने बताया कि सरकार ने बारिश और जलभराव से प्रभावित किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शनों का करीब 175 करोड़ रुपये के बिजली बिलों का भुगतान दिसंबर तक स्थगित कर दिया है। जुलाई-2025 तक देय बिल अब जनवरी 2026 तक बिना अतिरिक्त शुल्क के किसान जमा कर सकेंगे। इस कदम से करीब सात लाख से ज्यादा किसानों को राहत मिलेगी। इसके अलावा जिन गांवों में बाढ़ के कारण 50 फीसदी से अधिक फसलों का नुकसान हुआ है और
बीमित किसानों की फसलों को 33 प्रतिशत या उससे अधिक नुकसान हुआ है, उन किसानों से सहकारी समितियों के खरीफ सीजन के चालू फसली ऋण की वसूली तीन महीने तक टाल दी गई है। ऐसे किसानों को रबी सीजन की फसल के लिए ऋण लेने में परेशानी नहीं आएगी। इससे करीब तीन लाख किसानों को फायदा पहुंचेगा।
15 हजार रुपये प्रति एकड़ मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला था। इसमें 6,397 गांवों के 5 लाख 37 हजार किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण कराया है। अब इनका सत्यापन किया जा रहा है। इन किसानों को दिवाली से पहले मुआवजा दे दिया जाएगा। जिन क्षेत्रों में पानी से फसलें खराब हुई हैं वहां प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।
भारी बारिश से 2371 मकानों को पहुंचा नुकसान, मुआवजा जारी
सैनी ने बताया कि बारिश से राज्य में करीब 2371 मकानों को नुकसान पहुंचा और 13 पशुओं की मौत हुई। सरकार ने बुधवार को 2,386 परिवारों को कुल 4 करोड़ 72 लाख 6 हजार रुपये की राशि सीधे खातों में स्थानांतरित की। इसमें 2,371 मकानों के नुकसान पर 4 करोड़ 67 लाख 75 हजार रुपये और 13 पशुओं की हानि पर 4 लाख 21 हजार रुपये की राशि शामिल है।
पंचायतों में नहीं रुकेंगे विकास, 404.79 करोड़ रुपये जारी
मुख्यमंत्री ने राज्य वित्त आयोग की दूसरी किस्त के रूप में 404 करोड़ 79 लाख रुपये की राशि जारी की। यह राशि सीधे 5,719 ग्राम पंचायतों, 144 पंचायत समितियों और तीन जिला परिषदों के खातों में स्थानांतरित की जाएगी। इससे ग्रामीण अंचल के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर जनसुविधाओं के विस्तार को मजबूती मिलेगी। सीएम ने बताया कि चार वर्षों में पंचायती राज संस्थाओं को 3,700 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए दी है। इनमें से 3,300 करोड़ रुपये गांवों के बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं पर खर्च किए गए हैं।