जिन जलघरों में 25 से 50 प्रतिशत ही पानी वहां एक समय ही होगी पेयजल आपूर्ति
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
चंडीगढ़। प्रदेश में बढ़ते जल संकट को देखते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने वैकल्पिक इंतजामों पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। विभाग के मंत्री रणवीर गंगवा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर कई बिंदुओं पर सुझाव दिए तो कुछ इंतजाम करने के आदेश दिए हैं। मंत्री ने बताया कि नहरी पानी के अभाव में सूख चुके 51 जलघरों में पानी नहीं है, वहां कुछ स्थानों पर नलकूप लगाए जा चुके हैं या फिर शेष स्थानों पर नलकूप लगाए जाएंगे।
मंत्री गंगवा ने आदेश दिए कि 19 मई के बाद भाखड़ा से पानी मिलेगा। ऐसे में जब तक पानी नहीं मिल रहा है, वहां और अधिक सक्रिय रहकर अधिकारी काम करें। उन्होंने प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति को लेकर जिलेवार ब्योरा भी मांगा है। वहीं, जिन शहरों में अधिक जल संकट है, वहां टैंकर भेजने की भी समीक्षा की। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन जलघरों में 25 से 50 प्रतिशत पानी ही शेष बचा है, वहां एक समय या फिर और पानी की कटाैती करने का भी सुझाव दिया है। ताकि आगामी पांच से छह दिनों तक पेयजल मिल सके। सिरसा, भिवानी, हिसार, कैथल, सोनीपत में पेयजल की समस्या के समाधान के लिए यहां टैंकरों के साथ ही दूसरे विकल्पों के माध्यम से काम कराया जा रहा है। नहरों से लिफ्टिंग इत्यादि के जरिये भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में पानी पहुंचाया गया है।
प्रदेश में गर्मी का तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में जलघरों से लेकर तालाबों और सिंचाई के लिए पानी की अधिक आवश्यकता है। हमें 8500 क्यूसेक ही पानी चाहिए। तय शर्तों के अनुसार पंजाब हमें पानी दे तो गर्मियों के इस माैसम में पीने के पानी से लेकर दूसरे उपयोग के लिए पर्याप्त पानी का इंतजाम होगा।
रणबीर गंगवा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री, हरियाणा
बीबीएमबी की स्थगित बैठक होगी आज
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की बुधवार को होने वाली बैठक स्थगित हो गई। अब तकनीकी समिति की बैठक वीरवार को होगी। केंद्रीय जल आयोग के मुख्य अभियंता भी इस बैठक में शामिल होंगे। बैठक में हरियाणा के अलावा पंजाब और राजस्थान मुख्य अभियंताओं की माैजूदगी में जल बंटवारे के समाधान पर मंथन और आगामी दिनों में क्या विकल्प निकाला जाए, इसे लेकर बैठक होगी।
मोरनी व रोहतक में तत्काल जल संकट से दिलानी होगी राहत
गंगवा ने कार्यकारी अभियंताओं, उपमंडल अधिकारियों व कनिष्ठ अभियंताओं को आदेश दिए हैं कि तय समय पर पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का समाधान होना चाहिए। महाग्राम योजना में सतर्कता बरती जाए, लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। चंडीगढ़ सचिवालय से जिलावार अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दाैरान अवैध कनेक्शन काटने से लेकर मोरनी और रोहतक क्षेत्र में पेयजल किल्लत का तत्काल समाधान निकालने के आदेश दिए। गंगवा ने दूषित पानी की आपूर्ति को आदेश दिए हैं कि ऐसी लापरवाही पाई जाती है तो कार्यकारी अभियंता, उप मंडल अधिकारी यानी एसडीओ व कनिष्ठ अभियंता पर तुरंत कार्रवाई होगी।