सीबीआई ने गुड़गांव के सीजेएम रवनीत गर्ग की पत्नी गीतांजलि की हत्या की बुधवार को जांच शुरू कर दी। गीतांजलि का शव 17 जुलाई को गुड़गांव पुलिस लाइन से मिला था।
गीतांजलि के शव में तीन गोलियां थीं और पास ही गर्ग का लाइसेंसी रिवाल्वर पाया गया था।
गीतांजलि के मायके वालों की मांग पर गुड़गांव पुलिस ने गर्ग के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था लेकिन अब तक गर्ग को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
सीबीआई में पदस्थ सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से नोटिफिकेशन प्राप्त होने के बाद एजेंसी ने आईपीसी की धारा 302 और 34 के तहत गीतांजलि की हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
मामले में रवनीत गर्ग और उनके माता-पिता को आरोपी बनाया गया है। आईपीसी 34 के तहत समान आपराधिक उद्देश्य से कुछ लोगों द्वारा सांठगांठ से काम करने का मामला दर्ज किया जाता है।
30 वर्षीय गीतांजलि के मायकेवालों ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को दहेज के लिए रवनीत और उनके परिवार द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। वे गीतांजलि की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे थे।
एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि सामान्य प्रक्रिया के तहत सीबीआई स्थानीय पुलिस की ही एफआईआर को फिर से दर्ज करती है। चूंकि पुलिस की एफआईआई में गर्ग और उनके परिजनों को आरोपी बनाया गया है इसलिए सीबीआई ने भी यही किया है।
गीतांजलि के पंचकूला निवासी पिता ओमप्रकाश और भाई प्रदीप अग्रवाल का आरोप था कि पहली बेटी के जन्म के बाद से गीतांजलि का उत्पीड़न शुरू हो गया था। उन्होंने रवनीत गर्ग का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है।
गीतांजलि और रवनीत का विवाह 2007 में हुआ था। उनकी दो बेटियां हैं। प्रदीप का आरोप है कि गीतांजलि के शरीर पर तीन गोलियां लगने के निशान हैं और सिर में चोट है इससे साफ है कि उनकी हत्या की गई है। हत्या की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था।
हरियाणा के गृह सचिव समीर माथुर ने सीबीआई जांच शुरू होने की पुष्टि करते हुए बताया कि सीबीआई वीरवार को विधिवत रूप से इस मामले की जांच शुरू कर देगी।