ब्लड बैंक में रक्तदान करने वाले और रिप्लेसमेंट के लिए आने वाले लोगों की भी एचआईवी जांच की जाएगी। इसके अलावा एक एचआईवी काउंसलर को भी यहां नियुक्त किया जाएगा।
ब्लड बैंक में आने वाले ब्लड की यूनिट एचआईवी संक्रमित है या नहीं, इसके लिए जल्द ही बैंक में जांच सुविधा शुरू की जाएगी। अगर किसी रक्तदाता का या रिप्लेसमेंट के लिए (किसी मरीज को आवश्यकता होने पर परिजन द्वारा दिया जाने वाला ब्लड) आए ब्लड की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उस पीड़ित का नाम ब्लड बैंक में गुप्त रखा जाएगा। इसके साथ ही ब्लड बैंक में पीड़ित को एक काउंसलिंग सेशन में भी शामिल होना होगा। इसके बाद पीड़ित को संबंधित विभाग के लिए रेफर किया जाएगा।
अभी तक ब्लड बैंक में आने वाले रक्त यूनिट की जांच बीके अस्पताल के आईसीटीसी (इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर) में की जाती है। सेंटर से मिली जानकारी के अनुसार कई बार अधिक संख्या में मरीज होने के कारण ब्लड बैंक को सेवा नहीं दी जाती है।
ब्लड बैंक के इंचार्ज डॉ. विरेंद्र यादव ने बताया कि जल्द ही इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद रक्त संक्रमित होने की संभावना की पुष्टि हो सकेगी।