आटो चालक के अपहरण का प्रयास और साजिश रचने के आरोप में दर्ज केस वापस लेने की मांग पर बुधवार को हरियाणा के जिला जींद के गांव बीबीपुर के सरपंच के समर्थकों ने शहर में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान महिलाएं वह सम्मान पत्र भी लेकर जिला मुख्यालय पहुंचीं, जो सरपंच को पिछले तीन साल में सरकार और संगठनों की ओर से दिए गए हैं।
महिलाओं ने कहा कि सरपंच पर दर्ज केस वापस नहीं हुआ तो वे सम्मान पत्रों को वापस लौटा देंगी। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान आरोपी सरपंच कहीं दिखाई नहीं दिया। जब से सरपंच पर मामला दर्ज हुआ है, वह भूमिगत है।
शहर में प्रदर्शन करने से पहले सरपंच समर्थक रानी तालाब स्थित नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। इसके बाद पुरुष व महिलाएं गोहाना रोड होते डीसी कार्यालय पहुंचीं।
लोगों का कहना है कि तीन दिन पहले सरपंच के खिलाफ पुलिस ने जो केस दर्ज किया है, वह झूठा है।
प्रदर्शन के बाद लोगों ने सीटीएम को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि सरपंच के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं।
यह था मामला
कन्या भ्रूण हत्या रोकने में लगभग सवा साल पहले सुर्खियों में आए बीबीपुर गांव में बन रहे राजीव गांधी सेवा केंद्र की छह बैग सीमेंट बीते सात सितंबर को जींद में एक आटो से पकड़ी गई थी।
जो व्यक्ति आटो चला रहा था, उसने 15 सितंबर को पुलिस में मामला दर्ज करवाया है कि गांव के सरपंच और साथियों ने उनके अपहरण का प्रयास किया।
पुलिस ने आटो चालक समुद्र की शिकायत पर बीबीपुर गांव के सरपंच सुनील जागलान, अनिल, धर्मेंद्र, शिबू, कालू, नरेंद्र, राजन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
राजन और सरपंच सुनील जागलान को छोड़कर अन्य आरोपियों पर पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट भी लगाया है।