भिवानी के पहलवान बिजेंद्र सिंह।
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युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने के उद्देश्य से भिवानी के पहलवान बिजेंद्र सिंह लंबे समय से शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी के तहत सोमवार को पहलवान बिजेंद्र सिंह ने शक्ति प्रदर्शन कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया गया। इस दौरान पहलवान बिजेंद्र सिंह को हथौड़े के 300 वार सहने का टास्क मिला था। टास्क को पार करते हुए पहलवान ने हथौड़ो के 1550 वार सहकर रिकॉर्ड बनाया, जो विश्व भर में सबसे अधिक रहा।
महम रोड स्थित सांस्कृतिक सदन में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाने के लिए सोमवार को नेहरू युवा केंद्र से संबंधित अखिल भारतीय युवा जनकल्याण संगठन के अध्यक्ष पहलवान बिजेंद्र सिंह ने शक्ति प्रदर्शन किया। हथौड़ों के 1550 वार सहने के बाद उनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया। उन्हें स्टील मैन के नाम के खिताब से भी नवाजा गया। प्रोजेक्ट डायरेक्टर मदन मानव की देखरेख में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डीएसपी विरेंद्र सिंह पहुंचे। डीएसपी विरेंद्र सिंह ने कहा कि पहलवान बिजेंद्र सिंह ने पिछले काफी लंबे समय से एक अच्छा अभियान चलाया हुआ है, जिस अभियान का परिणाम उन्हें आज मिला है।
युवाओं को नशे से दूर रखना है : बिजेंद्र
पहलवान बिजेंद्र सिंह ने कहा कि उनके अभियान का एकमात्र उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना है। उन्होंने कहा कि वे पहले शक्ति प्रदर्शनों के माध्यम से युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करते आ रहे हैं। उनकी इसी मेहनत को देखते हुए उनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। इस अवसर पर कार्यक्रम में मंच का संचालन आस्था स्पेशल स्कूल के संस्थापक विजय शर्मा, सुरेश सैनी ने किया। इस अवसर पर नेहरू युवा केंद्र के यूथ ऑफिसर रमेश कुमार सोनी, आस्था स्कूल की प्राचार्य सुमन शर्मा, महंत चरणदास, कोच विकास मल्होत्रा, नितेश, हेमंत सैनी, नरेंद्र पंघाल, विष्णु, नक्ष, प्रांजल, दिनेश सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।