मृतक महिला के बेटे ने निजी अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। जाम की सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस थाना एसएचओ की टीम मौके पर पहुंची। वहीं मृतक के परिजनों ने सड़क को दोनों तरफ से रास्ता बंद कर दिया। पुलिस ने वाहनों का रूट बदलकर स्थिति को संभाला।
गांव सांकरोड निवासी 58 साल की कांटो को उसका बेटा संजय सांस लेने में दिक्कत होने पर पुराना बस स्टैंड स्थित एक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में लेकर पहुंचा था। महिला के बेटे का आरोप है कि वहां तैनात स्टाफ ने कहा कि अगर आप कैश में इलाज कराना चाहते हैं तो अभी उपचार शुरू कर देंगे, अगर किसी पैनल पर इलाज कराना है तो बुधवार सुबह आठ बजे दाखिल करेंगे। इसी दौरान महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी तो बेटे ने कहा कि इसे ऑक्सीजन लगा दो। मगर स्टाफ ने उसकी एक नहीं सुनी। इसी दौरान महिला ने अस्पताल में ही स्ट्रेचर पर दम तोड़ दिया।
महिला की मौत की सूचना परिजनों को लगी तो भारी संख्या में गांव सांकरोड से परिजन अस्पताल पहुंचे और अस्पताल के बाहर जमकर बवाल काटा। परिजनों ने निजी अस्पताल में तैनात स्टाफ सदस्यों और चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग की। मृतक महिला के बेटे संजय ने बताया कि अस्पताल में किसी भी गंभीर मरीज आने पर चिकित्सक व स्टाफ का सबसे पहला काम उस मरीज को उपचार देना है ताकि उसकी जान बच जाए। मगर यहां अस्पताल में इलाज कराने पर पहले सौदेबाजी की जाती है फिर मरीज को हाथ लगाते हैं। ऐसा ही उसके साथ भी हुआ।
उसका आरोप है कि एक घंटे तक उसकी मां तड़पती रही, मगर बार-बार गुहार के बाद उसकी मां को ऑक्सीजन तक नहीं दी गई। जब उसकी मां दम तोड़ गई तो अस्पताल में तैनात स्टाफ ने उसकी मां के शव को भी बाहर निकालकर रख दिया और उन्हें धक्के मारे। इसी से गुस्साए परिजनों ने मंगलवार देर शाम करीब आठ बजे अस्पताल के आगे कमला भवन मोड़ पर सरकुलर रोड पर जाम लगा दिया। जाम लगने के बाद वाहनों को झंकार मोड़ और कमला भवन की तरफ मोड़ा गया जबकि काफी वाहनों को सरकुलर रोड पर वापस ही मोड़ दिया गया। करीब डेढ़ घंटे तक सरकुलर रोड पर परिजनों ने जाम लगाए रखा। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस थाना एसएचओ शिवकुमार ने परिजनों से लिखित में शिकायत देने की बात कही तो मृतक महिला के बेटे ने लिखित में पुलिस को शिकायत दी। इसमें निजी अस्पताल के स्टाफ और चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया।
पहले भी मरीज की मौत पर लापरवाही का मामला कष्ट निवारण समिति में चल रहा
निजी अस्पताल के चिकित्सक के खिलाफ पहले भी एक मरीज की मौत मामले में लापरवाही का गंभीर आरोप लगा है। इसका मामला भी जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री देवेंद्र बबली के समक्ष उठा था। जिस पर चिकित्सकों के पैनल ने नेक्लीजेंसी कमेटी में मामले की जांच कराई गई थी। इसमें पीजीआई से भी रिपोर्ट मांगी गई थी। हालांकि ये मामला अब भी चल रहा है। वहीं मृतक के परिजन अभी भी न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।
मृतक के परिजनों ने पुलिस को लिखित में शिकायत दी है। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है। वहीं परिजनों को समझा बुझाकर सड़क से जाम खुलवा दिया गया है।
-शिवकुमार, एसएचओ, सिविल लाइन पुलिस थाना भिवानी।