भिवानी। डॉक्टर पत्नी से मारपीट करने के दोषी पति को न्यायालय ने दो साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि न भरने पर अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया गया है।
पीड़ित डॉक्टर ने पति के खिलाफ शिकायत पुलिस को दी थी, जिस पर पति सहित ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मारपीट व दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज हुआ था।
पुलिस को दी शिकायत में भोजावाली देवी मंदिर नया बाजार निवासी 30 वर्षीय ईशा शर्मा ने बताया था कि वह बीएएमएस डॉक्टर है और शहर के एक निजी अस्पताल में बतौर चिकित्सक कार्य कर रही है। उसे पांच साल की एक बेटी भी है। उसने बताया कि उसकी शादी सात मार्च 2010 को भोजावाली देवी मंदिर नया बाजार निवासी हिमांशु के साथ हुुई थी। उसने अपनी शिकायत में कहा कि पति उसके साथ मारपीट करता और रुपयों की मांग करता था। नौ सितंबर 2016 को उसके पति ने उसके साथ लोहे की रॉड से मारपीट की और उसे गंभीर चोटें पहुुंचाईं। रातभर उसे घर में ही बंधक बनाए रखा। उसने अपनी बहन से बात की और फिर उसके परिजनों को बुलाया। ईशा शर्मा ने अपने पति हिमांशु व उसके ससुराल वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। जिस पर 10 सितंबर को सिविल लाइन पुलिस थाने में मारपीट व दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज हुआ। ईशा शर्मा के पिता विजय कुमार शर्मा ने बताया कि उसने अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ता सूरत सिंह के माध्यम से केस की पैरवी की और इसी मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट धर्मपाल की कोर्ट ने दोषी हिमांशु को आईपीसी की धारा 323 में एक साल व आईपीसी की धारा 342 में एक साल की सजा और दोनों में पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना राशि न भरने पर अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया गया है। अधिवक्ता सूरत सिंह ने बताया कि न्यायालय ने हिमांशु को दहेज प्रताड़ना के मामले में आरोप मुक्त कर दिया, लेकिन उसे घरेलू हिंसा का दोषी पाया, इसी में उसे सजा सुनाई गई है।