तीन दिन पहले हुई बारिश आज भी हनुमान गेट मुक्ति धाम मार्ग से गुजरने वालों के लिए परेशानी बनी है। मार्ग पर दो फीट तक पानी जमा है। दरअसल यहां सीवरेज व्यवस्था ठप है और बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं। इसका खामियाजा आधा दर्जन कॉलोनियों के करीब 25 हजार लोग भुगत रहे हैं। यहां अब बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी मंडराने लगा है। आक्रोशित लोगों ने वीरवार को पब्लिक हेल्थ व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
हनुमान ढाणी मुक्तिधाम क्षेत्रवासी दीपक, पवन शर्मा, प्रदीप हलवाई, मोनू ठाकुर, राजेश सोनी, राजपति, कर्मवीर सैनी, सुमन, राजेंद्र ठेकेदार, जुगनू ठेकेदार ने बताया कि वार्ड नंबर 14 और वार्ड 15 के बीच मुख्य रास्ता मुक्तिधाम मार्ग है। इस मार्ग से पीपलीवाली जोहड़ी, कुम्हारों की ढाणी, आंबेडकर कॉलोनी सहित छह कॉलोनियों के लोगों का आवागमन होता है। पिछले सात महीनों से सीवर ठप है और ओवरफ्लो होकर गंदा पानी सड़कों पर ही फैला है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद तो सड़क पूरी तरह तालाब में तबदील हो चुकी हैं। दोपहिया वाहन चालक सड़क के गड्ढों में फंसकर पानी के अंदर ही गिरकर चोटिल हो रहे हैं। अब तो हालात यह है कि जमा गंदे पानी से बदबू और मक्खी मच्छरों ने संक्रमण का खतरा बढ़ा दिया है। कई बार पब्लिक हेल्थ विभाग व पार्षदों को शिकायतें दी जा चुकी हैं। खुद पब्लिक हेल्थ के अधिकारी यहां पर मशीनों से सीवर खाली करा देते हैं, लेकिन फिर से ये मैनहोल ओवरफ्लो होने लगते हैं। जबकि स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। सीवरेज ठप होने से पेयजल सप्लाई में भी दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है।
महिलाएं बोलीं-
हम गंदे पानी से इतने परेशान हो चुके हैं कि यहां रहने का भी मन नहीं करता। मगर हमारे स्कूल में रोजाना बच्चे इसी गंदे पानी के अंदर से गुजरकर आते हैं, बच्चे भी इस गंदे पानी के कारण बीमार है। कोई अधिकारी हमारी समस्या सुनने तक को तैयार नहीं हैं, आखिर हम जाए तो कहां जाएं।
- कमला देवी, क्षेत्रवासी महिला
अधिकारियों से अनुरोध कर के थक चुकी हूं, सिवाय आश्वासन के कोई काम नहीं हो रहा है। गंदे पानी की समस्या सात महीनों से हैं, घरों में भी गंदा पानी पी रहे हैं, मगर किसी को उनकी सेहत और गंदगी में रहने की कोई परवाह नहीं। मैं प्रशासन से मांग करती हूं कि अधिकारी आकर उनके हालात देंगे और जल्द समाधान कराएं।
- पूनम, क्षेत्रवासी महिला।
रोजाना मेरे बच्चे भी गंदे पानी से निकलकर स्कूल जाते हैं, हम भी खुद इसी गंदे पानी के बीच से होकर जाते हैं। बच्चे अकेले बाहर नहीं जा सकते। कई बार बच्चे गंदे पानी में गिर चुके है। हमारी कोई सुनने वाला नहीं है। अधिकारी मौका मुआयना कर वापस लौट जाते हैं, कर्मचारी भी बंद पड़े सीवर सफाई में हाथ खड़े कर चुके हैं।
- राजबाला, क्षेत्रवासी महिला
मैं कॉलोनी के लोगों के साथ काफी बार पब्लिक हेल्थ अधिकारियों से गंदे पानी की समस्या का समाधान कराए जाने की गुहार लगा चुकी हूं, मगर यहां के हालात नहीं सुधरे, बारिश के बाद तो यहां सड़क तालाब बन चुकी है जबकि वातावरण में भी बदबू से प्रदूषण फैल रहा है। मौसम में बदलाव के साथ मक्खी मच्छरों ने भी जीना हराम कर दिया है।
- हेमलता, क्षेत्रवासी महिला।