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किरोड़ीमल पार्क पर बना कचरे का डंपिंग प्वाइंट, कैसे होगी रामलीला, प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम

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पत्रकारों से बातचीत करते हुए रामलीला कमेटी के प्रधान विजय टैनी व अन्य। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। किरोड़ीमल पार्क से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अधिवेशन जमीन पर करने की परंपरा की शुरूआत की थी। करीब 100 साल पूर्व शुरू हुई इस परंपरा वाली पावन जगह इन दिनों कचरे का डंपिंग प्वाइंट बनी है। तीन साल पहले तक यहां रामलीला जैसे आयोजन होते थे। दो साल से कोरोना की मार पड़ी। इस बार रामलीला कमेटी ने योजना बनाई तो फैली गंदगी आडे़ आ गई। ऐसे में एक बार फिर रामलीला का आयोजन खतरे में पड़ गया है। इसी से खफा श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी सदस्यों ने जिला प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि तीन दिन में यहां से गंदगी साफ नहीं हुई तो कमेटी सदस्य यहां सत्याग्रह आंदोलन करेंगे।
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श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के प्रधान विजय बंसल टैनी ने रविवार को प्रेक्षा विहार में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि दो साल से कोरोना के कारण दशहरे पर रामलीला का आयोजन नहीं किया जा सका और इस बार पार्क की बदहाली की भेंट यह आयोजन चढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि कमेटी हर साल दशहरे पर 100 फुट के रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले जलाती है। दशहरे पर शहर का सबसे बड़ा आयोजन इसी पार्क में होता है, मगर इस बार पार्क को डंपिंग प्वाइंट बना दिया गया है। इस अवसर पर एडवोकेट अजय सर्राफ, राजकुमार दिनोदिया, सुरेश डब्बेवाला, उमाकांत भोली पार्षद, पवन भर्तिया, विनोद डब्बेवाला, युवा कार्यकर्ता अभिषेक बंसल, मामन चंद आदि उपस्थित रहे।
प्रशासन से मंजूरी मिली पर आयोजन के लिए जगह नहीं
विजय बंसल टैनी ने कहा कि श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी ने श्री रामलीला का मंचन और दशहरा उत्सव मनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिला प्रशासन से मंजूरी ली जा चुकी है, मगर आयोजन के लिए पार्क में जगह ही नहीं है। पार्क को कूड़े का डंपिंग केंद्र बना दिया गया है। मरे हुए पशुओं को यहां पर डाल दिया जाता है। यहां तक के कई पशु पार्क के अंदर दफनाए गए हैं। चारों तरफ से नगर परिषद द्वारा यहां कूड़ा और मलबा डाला गया है। सेठ किरोड़ीमल पार्क के सामने बन रहे भवन की मिट्टी मलबा भी यहां डाल दिया गया है। यहां न आयोजन के लिए और न ही दर्शकों के लिए जगह बची है।
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मिलीभगत के लगाए आरोप
विजय बंसल टैनी ने कहा कि सेठ किरोड़ीमल पार्क में डाले गए मलबे व गंदगी के बारे में जब प्रशासन से बातचीत की जाती है, तो कहा जाता है कि इसकी अनुमति हमने नहीं दी। जिन लोगों ने मलबा डाल रखा है वे कहते हैं कि उन्होंने जिला प्रशासन से अनुमति ली है। इस मामले में जिला प्रशासन स्पष्ट करें कि आखिर सेठ किरोड़ीमल पार्क में मलबा व गंदगी डालने वाला कौन है और इसकी अनुमति किसने दी है। उन्होंने कहा कि अगर अनुमति नहीं है तो बिना अधिकारियों की मिलीभगत के ऐसा कर पाना संभव नहीं है।

सेठ किरोड़ीमल पार्क के बीच में डाला गया मलबा। संवाद- फोटो : Bhiwani

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