लोहारू। रेलवे अंडरपास से भावठड़ी गांव की ओर जाने वाला पुराना कच्चा रास्ता बंद किए जाने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों और राहगीरों में रोष है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुराने रास्ते को दोबारा खोलने या स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। लोगों का कहना है कि रास्ता बंद होने से हरियाणा और राजस्थान के कई गांवों, ढाणियों और खेतों में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार जयपुर रेलवे लाइन के अंडरपास के अंदर से आमजन के आवागमन के लिए वर्षों पहले रास्ता बनाया गया था। इस रास्ते का उपयोग हरियाणा और राजस्थान के गांवों के लोग लंबे समय से करते आ रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि अंडरपास के रास्ते को लेकर कोर्ट में मामला चल रहा था। इसी मामले में शुक्रवार 22 मई को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए लोहारू एसडीएम कोर्ट के आदेशानुसार पुराने रास्ते को बंद कर दिया और नया रास्ता निकाला गया।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा निकाला गया नया रास्ता सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सही हो सकता है लेकिन पहले अंडरपास के अंदर से राजस्थान की ओर जाने वाला मार्ग निजी था जिसका वर्षों से आपसी भाईचारे और सहमति के आधार पर उपयोग किया जा रहा था। लोगों ने आरोप लगाया कि नया रास्ता व्यवहारिक रूप से उपयोगी नहीं है। उनका कहना है कि नया मार्ग न तो अंडरपास के अंदर से होकर गुजरता है और न ही राजस्थान की ओर आगे निकलने के लिए उचित व्यवस्था है। जहां रास्ता छोड़ा गया है वहां आगे रेलवे लाइन और रेलवे की भूमि होने से आवागमन बाधित हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार इस नए रास्ते से केवल एक-दो लोगों को फायदा हुआ है जबकि दर्जनों गांव प्रभावित हो रहे हैं। कई गांवों के बच्चे वर्षों से इसी मार्ग से स्कूल आते-जाते हैं। विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों और राहगीरों को अब लंबा चक्कर लगाकर सफर करना पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को मौके पर बुलाया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए पुराने रास्ते को दोबारा खोलने या स्थायी समाधान निकालने की मांग उठाई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रास्ता हरियाणा से राजस्थान के गांवों तक पहुंचने का महत्वपूर्ण कच्चा मार्ग था और इसके बंद होने से दर्जनों गांव प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से आमजन की सुविधा और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान करने की मांग की है। इस दौरान स्थानीय निवासी जगदीश जयलवाल, सुनील नेहरा, राज्यराम, अनूप, नरेश, सुशील, मनजीत, वीर सिंह और पवन मौजूद रहे।