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अनोखा कार्ड: जंग अभी जारी है, एमएसपी की बारी है

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15 फोटो प्रदीप की शादी का कार्ड देखते हुए उसके परिजन व दोस्त। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। किसान आंदोलन स्थगित हो चुका है लेकिन अभी आंदोलन का असर अब तक युवाओं के सिर पर है। तीन कृषि कानून रद्द होने के बाद किसान अब सरकार से एमएसपी की गांरटी की मांग कर रहे है। एमएसपी की गांरटी की मांग को लेकर एक युवा किसान ने अपनी शादी के कार्ड पर अनोखा संदेश छपवाकर एमएसपी की मांग की है। इसके साथ ही युवा किसान ने नो फार्मर्स, नो फूड का लोगो भी छपवाया है।
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गांव बुशान निवासी प्रदीप ने बताया कि आम और साधारण इंसान अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए तरह-तरह के जतन करते हैं। कोई महंगे पकवान बनवाता है तो कोई उड़नखटोला मंगवाता है। ऐसे में किसान परिवार से ताल्लुक रखने के कारण उन्होंने एमएसपी की मांग करता हुआ संदेश अपनी शादी के कार्ड पर छपवाया है। प्रदीप ने बताया कि नौ फरवरी को उसकी शादी है।
उनके लिए फसलों की एमएसपी होना सबसे बड़ा सपना है। प्रदीप ने कहा कि कृषि कानूनों के रद्द होने पर किसानों की जीत नहीं हुई अपितु असली जीत एमएसपी का कानून बनने पर होगी। प्रदीप ने कहा कि जब माचिस तक का एमआरपी है तो फसलों का एमएसपी क्यों नहीं ?
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प्रदीप के चाचा रमेश कालीरमण ने कहा कि प्रदीप शादी के बाद भी एमएसपी के कानून की लड़ाई में भाग लेगा। उन्होंने कहा यदि आगे की लड़ाई के लिए दिल्ली जाने की जरूरत पड़ी तो बहू भी रोटी बनाने साथ जाएगी। प्रदीप के कार्ड की चर्चा हर किसान की जुबां पर है।
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