भिवानी के कस्बा बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव पुर में सोमवार को सड़क हादसे ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया। दो चचेरे भाइयों की हादसे में मौत हो गई। इसमें एक तो अपने बूढ़े माता-पिता की इकलौती संतान था, जबकि दूसरा दो भाइयों में छोटा था। सड़क हादसे की सूचना जैसे ही परिवार के लोगों को लगी तो मातम छा गया और हर कोई यह बात सुनकर सन्न रह गया।
दरअसल बवानीखेड़ा से पुर मार्ग पर सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे बाइक से गांव लौट रहे दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। बवानीखेड़ा पुलिस ने इस संबंध में परिजनों के बयान दर्ज कर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज किया। परिजनों ने बताया कि 20 वर्षीय रवींद्र गांव में ही गन्ने के जूस की रेहड़ी लगाता था।
उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। रवींद्र अपने पिता अजीत और मां इंद्रो की इकलौती संतान थी। अजीत के एक बेटे की दो साल की उम्र में ही बीमारी की वजह से मौत हो चुकी थी। उसके बाद रवींद्र के कंधे पर ही माता-पिता की जिम्मेदारी आ गई थी। रवींद्र दसवीं तक पढ़ाई के बाद पिता का गृहस्थी में हाथ बटाने के लिए गन्ने के जूस की रेहड़ी लगाता था।
उसने बारहवीं करने के लिए भी पढ़ाई फिर से शुरू करने का मन बना लिया था। इसी को लेकर उसने आवेदन की तैयारी भी की थी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। रवींद्र के पिता अजीत भी गांव में ही मेहनत मजदूरी कर गुजर बसर करते हैं। बेटे रवींद्र की सड़क हादसे में मौत की जानकारी पाते ही अजीत भी गहरे सदमे में आ गए। मां इंद्रो का भी रो-रोकर बुरा हाल है। अब दोनों बूढ़े माता-पिता का सहारा छिन गया।
वहीं, रवींद्र का चचेरा भाई शंकर भी अपने कॅरिअर की शुरुआत कर रहा था। उसने आईटीआई में दाखिला लिया था। शंकर के पिता राममेहर भी गांव में मेहनत मजदूरी करते हैं। शंकर का बड़ा भाई रवीन भी पिता के साथ मजदूरी का काम करता है। पूरे परिवार को शंकर से ही कामयाब होने की उम्मीदें थीं, क्योंकि आईटीआई के बाद वह सरकारी जॉब या फिर बड़ी कंपनी में अपने कॅरिअर की शुरूआत करने का सपना देख रहा था। जानकारी के अनुसार रवींद्र गांव में गन्ने के जूस की रेहड़ी लगाता था। इसलिए उसे रोजाना ही बवानीखेड़ा से बर्फ की सिल्ली और नींबू लाने के लिए आना पड़ता था।
बाइक के अगले हिस्से के उड़ गद परखच्चे
हादसे के बाद बाइक के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए तो रवींद्र और शंकर दोनों दूर सड़क पर जा गिरे। दोनों ही भाइयों की छाती और मुंह पर गंभीर चोटें हैं। आसपास खेतों में काम करने वाले ग्रामीण मौके पर भी पहुंचे, मगर तब तक मौके पर ही दोनों की मौत हो चुकी थी।
वाहन का नहीं चला पता
मृतक रवींद्र के पिता अजीत की शिकायत पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि किस वाहन से सड़क हादसा हुआ है, पुलिस इसकी जांच कर रही है। मौके पर भी टीम ने हादसाग्रस्त बाइक को कब्जे में लिया है। मृतक रवींद्र इकलौता था, जबकि शंकर अभी पढ़ाई कर रहा था। -राममेहर, जांच अधिकारी बवानीखेड़ा पुलिस थाना।