फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

50 किलोमीटर की रफ्तार के तूफान ने उखाड़े पेड़ और पोल, ठप हुई बिजली तो नहीं हो सकी पेयजल सप्लाई

विज्ञापन
वैश्य महाविद्यालय के बाहर भरे बारिश के पानी निकासी का प्रबंध करते कर्मचारी। - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
भिवानी। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से सोमवार अल सुबह 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आए तूफान ने कहर बरपाया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक हरे पेड़ उखड़ गए और दर्जनों बिजली के पोल टूट गए। जिसकी वजह से बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। सोमवार सुबह के समय शहर में पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो पाई। सात एमएम बारिश होने से अधिकतम तापमान में 12 डिग्री की गिरावट आई वहीं सामान्य से 10 डिग्री पारा कम हो गया। मई माह की झुलसा देने वाली गर्मी में भी लोगों को ठंड का अहसास हुआ। ग्रामीण क्षेत्र में देर शाम तक भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। शहर में कई जगह तीन से चार घंटे तक जलभराव भी हुआ। जिससे गंदे पानी की निकासी के प्रबंधों की भी पोल खुली।
विज्ञापन

मौसम विभाग के अनुसार रविवार को ही मौसम के तेवर बिगड़ने लगे थे। सोमवार अल सुबह करीब साढ़े चार बजे तेज तूफान आया। हालांकि ये बारिश थोड़ी देर ही हुई। मगर इससे भी गर्मी में तापमान काफी हद तक नीचे गिरा। मई में अधिकतम 46.4 डिग्री तक पहुंच गया था। जबकि न्यूनतम तापमान भी 32 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन बारिश के बाद सोमवार को तापमान में भारी गिरावट आई। अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री दर्ज किया गया। शहर के निचले इलाकों में बरसाती नालों की सफाई न होने से पानी निकासी में रुकावट बनी। वहीं झंकार रोड लघु सचिवालय के समीप भी कई पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़क पर आ गिरी। जिन्हें हटाने के लिए दिनभर कर्मचारी काम पर लगे रहे। वहीं कैरू और बहल क्षेत्र के अलावा चांग में भी तेज अंधड़ की वजह से करीब चार से पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
पानी को तरसे लोग
सुबह करीब साढ़े चार बजे गुल हुई बिजली शहर की अनेक कॉलोनियों में 11 बजे के बाद बहाल हो पाई। जिस कारण जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सुबह की पेयजल सप्लाई भी नहीं की जा सकी और लोग दिनभर पानी के लिए भी परेशान रहे। लोग जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के फोन घनघनाते रहे। काफी क्षेत्रों में टैंकरों से पानी सप्लाई किया गया।
विज्ञापन

लोहारू में बिजली के 27 खंभे टूटे, तीन घंटे बिजली आपूर्ति रही बाधित
लोहारू। सोमवार अल सुबह लोहारू और आसपास के इलाके में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई। हालांकि झमाझम बरसात के बाद तापमान में गिरावट से इलाके के लोगों को चिलचिलाती गर्मी से काफी राहती मिली, लेकिन अंधड़ आमजन के साथ बिजली निगम के लिए भी आफत बना। लोहारू में करीब 27 खंभे टूट गए, जिसके कारण तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति पूर्णतया बाधित रही। लोहारू इलाके के सोहांसरा, पोटिया, गिगनाऊ, आजमपुर और झुप्पा सहित कई गांवों में तेज आंधी व बरसात के कारण बिजली के 27 खंभे टूटकर क्षतिग्रस्त हो गए। एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि कई गांवों में देर शाम तक बिजली के सभी खंभे दुरुस्त हो पाए।
फिर उखड़ गया राजकीय कन्या कॉलेज में छात्राओं के लिए बनाया गया टेंट
शहर की खजांची सार्वजनिक धर्मशाला के किराये के भवन में चल रहे राजकीय कन्या महाविद्यालय में कमरों का टोटा होने के कारण दो वर्ष पहले कृषि मंत्री जेपी दलाल ने अस्थायी शेड बनाने के लिए दस लाख रुपये की राशि दी थी, जिससे कालेज परिसर में तीन शेड बनाकर उनको तिरपाल से ढककर कक्षा कक्ष के रूप में तैयार किया गया था, लेकिन ये शेड इतने कमजोर हैं कि एक हवा के झांके में ही इनके तिरपाल हवा से बातें करने लगते हैं। जिसके बाद छात्राओं का इन कक्षों में पढऩा भी मुश्किल हो जाता है। सोमवार अल सुबह आई तेज आंधी में एक बार फिर इन शेड का तिरपाल चिथड़े चिथड़े हो गया और छात्राओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। उधर कालेज की अनेक छात्राओं ने आए दिन होने वाली इस परेशानी से निजात के लिए प्रशासन और सरकार से निर्माणाधीन राजकीय कालेज के भवन का निर्माण कार्य तेजी से पूरा करवाने की मांग की है। ताकि वे आए दिन तिरपाल फटने की परेशानी से बच सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें