बहल। नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामलों में अब मुख्य आरोपियों के साथ उनका सहयोग करने वालों पर भी पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बहल थाना पुलिस ने ऐसे दो मामलों में चार सहयोगियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपियों को उकसाने और नाबालिगों को भगाने में उनके सहयोगियों की अहम भूमिका रही इसलिए अब ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। बहल थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामलों की रोकथाम के लिए पुलिस हर स्तर पर प्रयास कर रही है। पिछले कुछ मामलों की गहन जांच में यह सामने आया कि मुख्य आरोपी को अपराध अंजाम देने में उसके सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यदि उन्हें सहयोग नहीं मिलता तो वे वारदात को अंजाम नहीं दे सकते थे। इसी कारण ऐसे मामलों में सहयोग करने वालों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है,
ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के अपराध में आरोपी का साथ देने से पहले सोचे।
केस नंबर एक
पहला मामला कस्बे से जुड़े एक प्रकरण का है। इसमें दिनोद गांव निवासी 22 वर्षीय लोकदल बहल की एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया था। पुलिस ने नाबालिग को बरामद करने के साथ आरोपी लोकदल को गिरफ्तार कर लिया। वहीं उसका सहयोग करने वाले लोहानी गांव निवासी 26 वर्षीय सन्नी और 22 वर्षीय नवीन को भी गिरफ्तार किया गया।
केस नंबर 2
दूसरे मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी हिमांशु उर्फ कालिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच में सामने आया कि उसका साथ देने वाले दो सहयोगी किशोर थे। दोनों के नाबालिग होने के कारण उन्हें बाल सुधार गृह, मधुबन भेज दिया गया।