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Bhiwani News: मानसून के ट्रेलर में ये हाल...अभी तो पिक्चर बाकी है

Tue, 24 Jun 2025 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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शहर के  दिनोद गेट के समीप रोड पर जमा बारिश के पानी से गुजरते वाहन।
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भिवानी। मानसून के ट्रेलर में ही शहर का हाल बदहाल हो गया। एक घंटे की बारिश में ही शहर की सभी प्रमुख सड़कों और चौकों पर जलभराव हो गया। जबकि मानसून का पूरा सीजन बाकी है।
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सोमवार को प्री मानसून की दस्तक हो गई और 27 एमएम बारिश हुई। जिसके बाद शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। अफसरों के जलनिकासी के दावे फेल हो गए।

शहर के घंटाघर, सराय चौपटा, खाकी बाबा मंदिर, हांसी गेट, दिनोद गेट, देवसर चुंगी, रेस्ट हाउस, रोहतक गेट, बावड़ी गेट और दादरी गेट, जैन चौक क्षेत्र में बरसाती जलभराव हुआ। इसके अलावा कई कॉलोनियों में घरों के अंदर भी बारिश का पानी जमा हो गया। जिसकी घंटों तक निकासी नहीं हो पाई।

वहीं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारी शहर में रुके हुए बरसाती चैनलों को खोलने में ही जुटे रहे। डिस्पोजल पर पंपिंग मशीनरी भी जवाब दे गई। बरसाती नालों और ठप सीवर व्यवस्था ने भी बारिश के बाद शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी।
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सोमवार सुबह चिलचिलाती धूप ने लोगों को उमस भरी गर्मी में बेहाल कर दिया था। मगर दोपहर बाद अचानक ही बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दी। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मानसून के लिए पुख्ता प्रबंधों का दावा किया था, लेकिन ये दावे मानसून से पहले हुई बारिश में ने ही धो डाले। हालांकि बारिश के पानी की मुख्य रास्तों से निकासी में करीब डेढ़ से दो घंटे का समय लगा। लेकिन निचले इलाकों में बरसाती पानी की निकासी कई घंटों बाद भी नहीं

हो पाई।

हाल ही में कराई थी मुख्य सीवर लाइनों की सफाई : जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने हाल ही में मुख्य सीवर लाइनों की सुपर शकर और रोबोट मशीनों से सफाई कराई थी। लेकिन सोमवार को उन हिस्सों में भी बारिश का पानी मुख्य सड़कों पर जमा हुआ जहां सीवर मैनहोल साफ कराए गए थे। हालांकि इन हिस्सों में मुख्य सीवर के साथ ही बरसाती चैनल भी बने हुए हैं, जो बारिश में पॉलिथीन के कचरे से रुक गए।
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हाल ही में कराई थी मुख्य सीवर लाइनों की सफाई
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने हाल ही में मुख्य सीवर लाइनों की सुपर शकर और रोबोट मशीनों से सफाई कराई थी। लेकिन सोमवार को उन हिस्सों में भी बारिश का पानी मुख्य सड़कों पर जमा हुआ जहां सीवर मैनहोल साफ कराए गए थे। हालांकि इन हिस्सों में मुख्य सीवर के साथ ही बरसाती चैनल भी बने हुए हैं, जो बारिश में पॉलिथीन के कचरे से रुक गए। विभाग ने सीवर लाइनों की सफाई पर ही करीब करोड़ों का बजट खर्च किया है।
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बारिश के दौरान बिजली गुल, डिस्पोजल पर भी बंद रही पंपिंग मशीनें
बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। इस दौरान डिस्पोजल पर भी डीजी सेट से केवल आधी मशीनरी ही काम कर पाई। बारिश का सिलसिला करीब घंटे भर चला। ऐसे में डिस्पोजल के बरसाती टैंक भी लबालब हो गए। जिन्हें ड्रेन तक निकासी में काफी वक्त लगा। हालांकि डिस्पोजलों पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी नजर बनाए हुए थे वहीं बारिश के दौरान निरीक्षण कर पानी निकासी की व्यवस्था का भी अधिकारियों ने जायजा लिया।
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पॉलिथीन कचरा भी बना पानी निकासी में बाधा
शहर की मुख्य सीवर लाइनों और बरसाती नालों में भारी मात्रा में पॉलिथीन कचरा भी भरा हुआ था। जो बारिश के दौरान पानी की निकासी में बाधा बना। देवसर चुंगी स्थित डिस्पोजल के टैंक में बारिश के पानी के साथ करीब दो टन पॉलिथीन कचरा एकत्रित हो गया। बारिश के दौरान टैंकों में पहुंचे पॉलिथीन कचरे को बाहर निकालने में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मचारी लगातार काम पर लगे रहे।
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लोहे के पोल भी बारिश के पानी से घिरे, करंट का सताता रहा डर
बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में लोहे के पोल भी बारिश के पानी से घिरे रहे। जिसकी वजह से पैदल जा रहे लोगों को करंट का अंदेशा बना रहा। शहर भर में अब भी काफी जगहों पर लोहे के पोल खड़े हैं, जहां जलभराव भी हो रहा है। ऐसे में यहां लावारिस पशुओं के करंट लगने से मौत के भी काफी मामले सामने आ चुके हैं।
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क्षतिग्रस्त सीवर लाइन बदलने का मसौदा भी मुख्यालय में अटका, अब झेल रहे जलभराव
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का करीब 98 करोड़ से शहरी दायरे में नई सीवर लाइन डालने व क्षतिग्रस्त सीवर लाइन बदलने का मसौदा मुख्यालय में अटका हुआ है। हालांकि रफ कोस्ट पर उसे मंजूरी दी गई थी। जिसके बाद इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट अधिकारी तैयार कराने में जुटे हैं। अगर इस मसौदे पर पहले मंजूरी मिल जाती तो शायद इस सीजन काफी हद तक शहर को बरसाती जलभराव से राहत मिल जाती। लेकिन ये मसौदा अभी प्रक्रिया में है, ऐसे में इस मानसून के सीजन में भी शहर जलभराव का दंश झेलेगा।
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