भिवानी। अब बवानीखेड़ा क्षेत्र के दो बड़े गांव सूई और बलियाली में करीब 700 घरों को जलभराव व गंदे पानी की निकासी की समस्या से स्थायी तौर पर निजात मिलेगी। इसके लिए सिंचाई विभाग करीब ढाई करोड़ का बजट खर्च करेगा। इसका वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया है। इसी साल जून तक काम पूरा भी कर लिया जाएगा।
इन दोनों ही गांवों के करीब पांच गंदे जोहड़ों से करीब 4600 फीट एचडीपी पाइप लाइन डाली जाएगी जो नजदीकी ड्रेन से जुड़ेगी। दरअसल, इन पांचों जोहड़ों के अंदर गांव की आबादी का गंदा पानी पहुंच रहा है। बारिश के बाद तो ये जोहड़ ओवरफ्लो भी हो जाते हैं, जिसकी वजह से आसपास की आबादी के घरों को भी जलभराव का सामना करना पड़ता है।
जिले के गांव सूई और बलियाली में पिछले कई दशक से गंदे पानी और बारिश के पानी की निकासी की समस्या बनी है। इन दोनों गांवों में जोहड़ों के अंदर ही घरों से निकलने वाला गंदा और बारिश का पानी पहुंच रहा है। लेकिन इन जोहड़ों से पानी निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं कराई गई थी।
अब सिंचाई विभाग की भिवानी वाटर डिविजन की तरफ से दो करोड़ 51 लाख के बजट से एचडीपी पाइप लाइन का खाका तैयार किया गया। करीब 5600 फीट लंबाई तक एचडीपी पाइप लाइन के जरिए इन पांचों जोहड़ों का गंदा पानी भिवानी-घग्घर ड्रेन डाला जाएगा। भिवानी-घग्घर ड्रेन शहर के लोहारू रोड से हिसार के कंवारी गांव तक बनाई गई है। ये ड्रेन शहर और आसपास के 40 से अधिक गांवों के गंदे पानी की निकासी का भी मुख्य जरिया है। अब इसी ड्रेन में गांव सूई और बलियाली के गंदे व बारिश के पानी की निकासी संभव हो पाएगी। संवाद