बाजारों में लोगों को सामुदायिक दूरी का संदेश देने और सामुदायिक दूरी का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के चालान काटने वाले नगर परिषद के अधिकारी खुद सारे नियम ताक पर रखे हैं। सोमवार को तोशाम से करीब 225 से अधिक प्रवासी मजदूर घर जाने की चाह में तोशाम से भिवानी पैदल ही पहुंच गए।
जिला प्रशासन को इसकी भनक लगी तो सभी को जाट धर्मशाला में रोका गया। दोपहर के समय सभी मजदूरों को तीन रोडवज बसों में ठूंसकर वापस तोशाम भेज दिया गया। नप अधिकारी ही मजदूरों को बसों में ठूंसने में लगे थे। बसों में सीटों से दोगुने तक प्रवासी मजदूर ठूंसे हुए थे।
तोशाम में दो सौ से अधिक मिल हैं, जहां झारखंड, उत्तराखंड के प्रवासी मजदूर काम करते हैं। सोमवार सुबह करीब सवा दो सौ से अधिक प्रवासी मजदूर सिर पर सामान रख पैदल ही तोशाम से भिवानी पहुंचे। जिला प्रशासन को इसकी भनक लगी तो सभी मजदूरों को जाट धर्मशाला में ठहराया गया। यहां उन्हें खाना खिलाया गया। दोपहर करीब ढाई बजे इन मजदूरों को तीन बसों में ठूंसकर वापस तोशाम भेज दिया गया।
सिवानी रोड पर ही छोड़ गया बस वाला
मजदूरों की परेशानी भिवानी में ही कम नहीं हुई। भिवानी से तीन बसों में मजदूरों को तोशाम के लिए भेजा गया। सिवानी रोड पर एक बस चालक प्रवासी मजदूरों को उतारकर भाग गया। बाद में बाकी बची दो बसों से ही मजदूरों को तोशाम ले जाया गया। बस के अंदर जगह नहीं होने पर मजदूर छत पर सवार होकर पहुंचे।
मजदूर बोले, खाने की नहीं है कोई व्यवस्था
झारखंड वासी मजदूर इस्माइल, मोहम्मद मुस्ताक, मोहम्मद सोहेब, मोहम्मद अंसारी, मंतलाल, संतोष आदि ने बताया कि वे तोशाम की आरा मिलों में काम करते हैं। अब लॉकडाउन है और यहां उनके सामने खाने की भी दिक्कत है। खाना नहीं मिला। अब लॉकडाउन बढ़ गया है। ऐसे में वे अपने घर जाना चाहते है। इसी कारण आज पैदल ही तोशाम से घर के लिए निकले थे।
ये मजदूर तोशाम की आरा मशीनों पर काम करते थे और जब तक इनके जाने की व्यवस्था नहीं होती तब तक सभी प्रवासी मजदूरों को जहां हैं, वहीं रहने के निर्देश दिए हैं। आरा मशीन संचालकों से बातचीत कर उनके पास ही वापस भेजा गया है। बसों में सामुदायिक दूरी का ध्यान रखा जाना चाहिए था। रोडवेज से बसें और भी मिल जाती।
- दीपक गोयल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
आईटीआई परिसर में शेल्टर हाउस बनाकर प्रवासी मजदूरों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। भिवानी से करीब 200 मजदूर आए है। आईटीआई परिसर में नया शेल्टर हाउस बनाया गया है। प्रवासी मजदूरों को रहने, खाने-पीने की किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- संदीप कुमार, एसडीएम तोशाम