अगर औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली जगह पर कोई कोरोना वायरस का मामला मिलता है तो सरकार वहां सैनिटाइजेशन करने के लिए अवधि भी निर्धारित करेगी ताकि कोरोना संक्त्रस्मण का फैलाव न हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली विभाग की समीक्षा बैठक भी ली गई है। गर्मियों के समय सुचारू बिजली व्यवस्था पर विचार किया गया।
ट्यूवेल कनेक्शन जारी करने का काम शुरू कर दिया है, लगभग 1000 ट्यूवेल कनेक्शन फाइव स्टार मोटर्स के लगवाए जा चुके हैं। 30 जून तक शेष 4000 ट्यूवेल कनेक्शन लगाए जाएंगे। इसके बाद नए फाइव स्टार की मोटर्स उपलब्ध होने पर नए ट्यूवेल लगाएंगे। उन्होंने कहा कि घरेलू बिजली बिल औसत से ज्यादा मिले हैं।
उन्हें ठीक करने के लिए विभाग को निर्देश दिए गए हैं। बिजली उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1912 पर अपनी शिकायतें दर्ज करवाकर बिलों की त्रुटियां ठीक करवा सकते हैं। यदि गलती से किसी उपभोक्ता ने बढ़े हुए बिलों का भुगतान कर दिया है तो उनके अगले बिलों में इसका समायोजन कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जेल विभाग की ओर से 18 हजार कैदियों में से पिछले दिनों में 6 हजार कैदियों को पैरोल दी गई थी। 6 हजार कैदियों की पैरोल का समय अगले 6 सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया है। सभी कैदी 12 सप्ताह के पैरोल के बाद ही वापस जेल में आएंगे। जेल विभाग के अंतर्गत सभी व्यवस्था ठीक चल रही है। अभी तक कोई भी कैदी कोरोना का मरीज नहीं मिला है।
हरियाणा सरकार ने लोगों की सुविधा को देखते हुए यात्रियों को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए विभिन्न रूट को संचालित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सरकार ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और यूटी चंडीगढ़ को सहमति के लिए पत्र लिखा है।
प्रस्ताव के तहत विभिन्न राज्यों के लिए बसों को चलाया जाएगा। सरकार ने अन्य राज्यों से रूट के संचालन के लिए भी सुझाव मांगे हैं। उत्तर प्रदेश के लिए फरीदाबाद से अलीगढ़ व वापसी, गुरुग्राम से अलीगढ़ व वापसी, पानीपत से बरेली वाया मुरादाबाद व वापसी और गुरुग्राम से मथुरा व वापसी के रूट शामिल हैं।
राजस्थान के लिए गुरुग्राम से जयपुर और वापसी, राजस्थान के लिए हिसार से अजमेर और वापसी, पंजाब राज्य के लिए करनाल से अमृतसर और वापसी, हिमाचल प्रदेश के लिए अंबाला-पंचकूला-शिमला व वापसी, उत्तराखंड राज्य के अंबाला-यमुनानगर-देहरादून और वापसी, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के लिए गुरुग्राम से चंडीगढ़ व वापसी, दिल्ली के लिए पंचकूला से दिल्ली और वापसी, मध्य प्रदेश राज्य के लिए ग्वालियर व वापसी के रूटों का प्रस्ताव इसमें शामिल है।