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कार्रवाई: पोक्सो एक्ट में जेल गए गुरुजी और चार्जशीट हुए शिक्षक को शिक्षा विभाग ने किया पदावनत

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भिवानी। आखिरकार सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने पॉक्सो एक्ट में जेल गए दुष्कर्म के आरोपी गुरुजी और सर्विस रूल अंडर-7 में चार्जशीट शिक्षक को टीजीटी से पीजीटी की पदोन्नति देने के मामले में संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। सेकेंडरी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. महाबीर सिंह ने गलत तरीके से पदोन्नति पाने वाले भिवानी जिले के कोहाड़ सरकारी स्कूल के शिक्षक पवन कुमार और गांव कुंगड़ के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के टीजीटी अंग्रेजी रवींद्र कुमार को तुरंत प्रभाव से पदावनत किए जाने के आदेश जारी किए हैं। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने इन दोनों ही शिक्षकों पर गंभीर आरोपों के चलते जांच और कार्रवाई की थी।
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सेकेंडरी स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 13 मई को टीजीटी से पीजीटी की पदोन्नति सूची जारी की थी। सूची में भिवानी जिले के दो टीजीटी ऐसे थे, जिनके खिलाफ विभागीय और आईपीसी की धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगे थे। इसमें भिवानी खंड के अंतर्गत आने वाले गांव कोहाड़ के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तैनात टीजीटी सोशल स्टडीज पवन कुमार पर छठी कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोप में पॉक्सो एक्ट के तहत 14 मार्च को जूईकलां पुलिस थाना में केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फिलहाल टीजीटी पवन कुमार जिला कारागार में बंद है।
सात मई को पुलिस ने पवन कुमार के खिलाफ कोर्ट में चालान भी पेश कर दिया था। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय भिवानी से रिपोर्ट जाने के बाद टीजीटी पवन कुमार को 29 मार्च को मौलिक शिक्षा निदेशालय ने निलंबित कर दिया।बावजूद इसके 13 मई को जारी की गई पदोन्नति सूची में पवन कुमार को सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने टीजीटी से पीजीटी बनाकर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रुपगढ़ तैनात कर दिया। जेल में बंद होने की वजह से पवन कुमार नई जगह पर पदोन्नति के बाद पीजीटी ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर पाया, लेकिन गांव कुंगड़ के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का टीजीटी अंग्रेजी रवींद्र कुमार पीजीटी की पदोन्नति सूची में नाम आने के तुरंत बाद गांव बलियाली राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में ड्यूटी ज्वाइन कर गया।
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स्कूल मुखिया की मिलीभगत की वजह से टीजीटी रवींद्र की सर्विस रूल अंडर 7 में चार्जशीट की निदेशालय को समय रहते रिपोर्ट नहीं भेजी गई, जब मामला उजागर हुआ तो जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी भिवानी ने 25 मई को इस संबंध में शिक्षा निदेशालय को पदोन्नत होकर पीजीटी बने रवींद्र कुमार को वापस टीजीटी पदावनत करने की रिपोर्ट भेजी गई।
अमर उजाला ने 25 जून के अंक में 13 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी शिक्षक को किया पदोन्नत, टीजीटी से पीजीटी बनाया शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित किया था। मामला शिक्षा निदेशालय के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो जांच की बात भी कही गई। इस संबंध में गलत तरीके से पदोन्नति पाने वाले दोनों शिक्षकों को पदावनत किए जाने के संबंध में भी सख्त कदम उठाए जाने का भरोसा दिलाया। सेकेंडरी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ महाबीर सिंह ने सात जुलाई को टीजीटी अंग्रेजी रवींद्र कुमार और टीजीटी सोशल स्टडीज पवन कुमार को पदावनत (डिमोशन) किए जाने के आदेश दिए। दोनों शिक्षकों को अब अपने पहले वाले स्कूलों में उसी पद पर वापस भेजा गया है।
टीजीटी से पीजीटी पदोन्नत हुए शिक्षक पवन कुमार और रवींद्र कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप होने की वजह से 25 मई को रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी गई थी। शिक्षक पवन को पदोन्नति से पहले ही विभाग ने निलंबित कर दिया था। जबकि शिक्षक रवींद्र कुमार को भी विभाग ने चार्जशीट किया हुआ है। अब दोनों शिक्षकों पवन कुमार और रवींद्र कुमार की पदोन्नति पर शिक्षा निदेशालय ने रोक लगाते हुए पदावनत कर वापस पहले वाले स्कूलों में भेजने के आदेश दिए हैं।
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-रामअवतार शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।
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