भिवानी। बवानीखेड़ा में साल 2020 में हुए दोहरे हत्याकांड की बुधवार को न्यायालय में कठोर कारावास की सजा सुनाए जाने के दौरान मृतकों के परिजन भावुक हो उठे। हत्याकांड में तीन साल बाद न्यायालय का फैसला आने पर मृतकों के परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू झलक आए।
जज की ओर से सजा सुनाए जाने के दौरान मृतक महिला सुरेश देवी के पति राजकुमार और बेटा प्रीतम व मृतक मनबीर का भाई मोहित न्यायालय में मौजूद रहा। जज ने जैसे ही दोहरे हत्याकांड में 16 लोगों को कठोर कारावास की सजा सुनाई तो उन्होंने न्यायालय के फैसले का स्वागत किया और हाथ जोड़कर न्याय पाकर संतोष जताया।
दरअसल, पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता विजय रंगा ने बताया कि कस्बा बवानीखेड़ा के वार्ड 13 निवासी मनबीर (30) अपने चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। मनबीर मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजर बसर करता था। उसकी एक बेटी भी है। वहीं सुरेश देवी (55) का पति राजकुमार राजमिस्त्री का काम करता है। सुरेश देवी तीन बच्चों की मां थी।
एडवोकेट विजय रंगा ने बताया कि 2020 में समाज के लोगों ने होलिका दहन का कार्यक्रम किया था। इस दौरान होलिका दहन के उपरांत प्रह्लाद निकालने को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान लाठी-डंडों से लोगों द्वारा हमला किए जाने पर सुरेश देवी व मनबीर को गंभीर चोटें आई थीं। जिन्हें उपचार के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने सुरेश देवी और मनबीर को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। बवानीखेड़ा पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड में 22 नामजद लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
एफआईआर में नामजद 22 में से सिर्फ छह आरोपी हुए थे गिरफ्तार
एडवोकेट विजय रंगा ने बताया कि दोहरे हत्याकांड में बवानीखेड़ा पुलिस ने शुरुआत में एफआईआर में दर्ज 22 नामजद में सिर्फ छह आरोपियों को ही गिरफ्तार किया था। जबकि बाकी की गिरफ्तारी नहीं की। इस पर उन्होंने 319 में न्यायालय में अर्जी दाखिल की। इसके बाद 11 आरोपियों की बाद में गिरफ्तारी हुई। इस मामले में एक नाबालिग का नाम भी सामने आया। जिसका जुवेनाइल जस्टिस के तहत मामला अभी विचाराधीन है। जिन 16 दोषियों को न्यायालय ने कठोर आजीवन कारावास सुनाई है, उसमें सुरेश उर्फ छोटू, रमेश, मोनू, बलजीत, सूरज, मुकेश, अनिल, संजय, कृष्णा, अजय, सोनू, सुनील, मूर्ति, सोनू, संदीप और संजय शामिल है।
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मृतकों के परिजनों ने जताई न्यायालय के न्याय पर खुशी
दोहरे हत्याकांड में तीन साल तक इंतजार करने के बाद आखिर न्याय की घड़ी आई तो मृतक मनबीर और मृतका सुरेश देवी के परिजनों के आंखों से भी खुशी के आंसू निकल आए और उन्होंने न्यायालय के न्याय पर खुशी जताई। फैसला सुनाने के दौरान कोर्ट में मृतक सुरेश देवी के पति राजकुमार और बेटा प्रीतम व मनबीर का भाई मोहित व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने भी न्यायालय के न्याय पर खुशी जताई। एडवोकेट विजय रंगा ने बताया कि न्यायालय ने सभी 16 दोषियों को हत्या मामले में कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है वहीं प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना किया है। जुर्माना न भरने पर एक साल अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी किया है।