भिवानी। गोवर्धन पूजा व अन्नकूट का प्रसाद संतोषी माता मंदिर सहित अनेक स्थानों पर शनिवार को वितरित किया गया। इसको लेकर बड़ी संख्या में लोग प्रसाद वितरण कार्यक्रम में पहुंचे। संतोषी माता मंदिर में खटाई रहित एवं अष्टादश औषधियुक्त प्रसाद तैयार कर वितरण किया गया। इसका शुभारंभ सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी सुरेंद्र लोहिया ने की।
सांसद ने कहा कि अन्नकूट का असल मकसद एकता की ताकत को बताना है। यदि हम मिल-जुलकर भोजन करते है तो इससे सामाजिक एकता व भाईचारा बढ़ता है। विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इस दिन इंद्र के प्रकोप से गोकुल वासियों व गोकुल की गायों को गोवर्धन पर्वत उंगली पर उठाकर उसके नीचे आश्रय दिया था, उसके बाद से गोवर्धन पर्वत की पूजा हर वर्ष होती है तथा इसी दिन अन्नकूट का प्रसाद भी बनता है। संतोषी माता मंदिर में 56 भोग का प्रसाद बनाकर भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाया गया।
इस मौके पर पीसीसीएआई अध्यक्ष सुरेंद्र लोहिया, प्रेमलता सर्राफ, विवेकानंद हाई स्कूल संचालिका सावित्री यादव, एडवोकेट शिवरतन गुप्ता, पवन बुवानी वाला, भवानी प्रताप, मीनू अग्रवाल, एडवोकेट ऋषि शर्मा, रामप्रताप शर्मा, एडवोकेट कपिल शर्मा, राजकुमार सैनी, समाजसेवी अशोक भारद्वाज मौजूद रहे।
जैन भवन में मनाया अन्नकूट पर्व
भिवानी। कोर्ट रोड स्थित जैन भवन में शनिवार को अन्नकूट प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अग्रवाल सभा से जयकुमार गुप्ता, नीलम जैन, सुमन गुप्ता, प्रवीण राजगढिया, सुनील बंसल, हिमांशु गुप्ता, एडवोकेट संदीप, दिनेश शर्मा, स्वतंत्रत, तेलुराम, ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष प्रधान किशन कौशिक ने भाग लिया। जयकुमार गुप्ता ने बताया कि दीपावली के बाद अन्नकूट का पर्व आता है। इस दिन हर वर्ष भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसमें बाजरे की खिचड़ी, हलवा, पुरी व चावल का प्रसाद तैयार कर श्रद्धालुओं को वितरित किया जाता है।
धारेडू में श्याम मंदिर में लगाया 5100 लीटर कड़ी प्रसाद का भोग
भिवानी। धारेडू में श्याम मंदिर में 5100 लीटर कड़ी प्रसाद और छप्पन भोग लगाया गया। पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पर्व मनाया जाता है। इसी दिन गुजराती संवत्सर का नवीन वर्ष प्रारंभ होता है। बाबा जहरगिरि आश्रम के पीठाधीश्वर डॉ. महंत अशोक गिरि महाराज ने बताया कि शास्त्रानुसार संसार में मुख्य रूप से 6 तरह के स्वाद होते हैं। ये 6 तरह के स्वाद हैं, मीठा, खट्टा, नमकीन, अम्लीय, कड़वा और कसैला। इन छह स्वादों को मिलाकर 56 तरह के पकवान बनाए जाते हैं। इन 56 भोग में माखन, मिश्री, खीर, पंजीरी, रसगुल्ला, रबड़ी, मूंग दाल हलवा, जलेबी, मालपुआ, जीरा लड्डू, काजू-बादाम बर्फी, पेड़ा, घेवर, मोहनभोग, पिस्ता बर्फी, पंचामृत, गाय का घी, शक्कर पारा, मठरी, चटनी, पकोड़े, साग, दही, चावल, कढ़ी, चीला, खिचड़ी, पापड़, मुरब्बा, आम, केला, किशमिश, आलू बुखारा, सेब, अंगूर, दलिया, टिक्की, पुड़ी, दूधी की सब्जी, बैंगन की सब्जी, शहद, सफेद मक्खन, ताजी क्रीम, कचौरी, रोटी, नारियल पानी, बादाम का दूध, छाछ, शिकंजी, मीठे चावल, चना, भुजिया, सुपारी, सौंफ, पान और मेवा शामिल होते हैं। इनसे एक तरह का अन्न का पहाड़ बनाकर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित किया जाता है। इस अवसर पर सुधीर प्रधान, मोनू भारद्वाज, सुधीर, मनोज मौजूद रहे।
गोवर्धन भगवान की पूजा अर्चना कर लगाया अन्नकूट का भोग
भिवानी। बीटीएम मिल रोड पर स्थित श्रीश्याम मंदिर में श्रीश्याम मिलन मंडल की ओर से अन्नकूट प्रसाद का वितरण किया गया। मंदिर में भगवान गोवर्धन की प्रतिमा बनाई गई। श्रीश्याम मिलन मंडल के मुख्य संरक्षक नरोत्तम बागड़ी ने बताया कि मंदिर में प्रत्येक तीज त्योहार पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी कड़ी में दीपावली के बाद अन्नकूट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर घनश्याम शर्मा, सुनील गोयल, सुरेंद्र कौशिक, ऋषि शर्मा व नमन का विशेष सहयोग रहा।
गणपत राय कौशिक धर्मशाला में अन्नकूट का प्रसाद किया वितरित
भिवानी। श्याम गौ सेवा आनंद मंडल की ओर से विद्यानगर स्थित शिवाजी मार्ग पर गणपत राय कौशिक धर्मशाला में अन्नकूट का प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित हुए और प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में भक्तों को प्रसाद के साथ गो सेवा और गो संरक्षण के महत्व पर भी जागरूक किया गया। श्याम गो सेवा आनंद मंडल अध्यक्ष सुनील चौहान ने अन्नकूट के आयोजन पर कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में गो सेवा और दान-पुण्य की भावना को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि मंडल द्वारा हर वर्ष अन्नकूट का प्रसाद वितरण किया जाता है।
लोहारू के मंदिरों में बंटा अन्नकूट प्रसाद
लोहारू। लोहारू शहर में लोगों ने गोवर्धन पूजा कर भगवान श्री कृष्ण को याद किया। वहीं शहर के मंदिरों में अन्नकूट प्रसाद वितरित किया गया।शहर के उजाड़िया श्री हनुमान मंदिर, मुख्य पंचायती मंदिर, नकीपुरिया मंदिर और पुराना शहर के मंदिरों में अन्नकूट का प्रसाद तैयार किया गया और वितरित किया गया। मंदिरों में भगवान श्री कृष्ण के पसंदीदा व्यंजन तैयार किए जाते हैं। इनमें कढ़ी, चावल, ग्वार फली टिंट, बाजरे की खिचड़ी, मीठे चावल, सब्जी, पूरी सहित अनेक व्यंजन बनाए जाते हैं। इनका स्वाद श्रद्धालुओं को काफी पसंद आता है। इससे पहले शहर के भिवानी रोड पर ऑटो मार्केट में भंडारे का आयोजन किया गया।
सेठ मूलचंद मंदिर में किया अन्नकूट प्रसाद का वितरण
संवाद न्यूज एजेंसी भिवानी। शिव नगर स्थित सेठ मूलचंद मंदिर में स्वामी सिद्ध स्वरूप एवं संपूर्ण कटला परिवार द्वारा अन्नकूट प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर अनेक श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद चखा। मंदिर के आचार्य जितेंद्र भारद्वाज ने कहा कि दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाता है। इस दिन विशेष तौर पर भगवान श्रीकृष्ण व गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। अन्नकूट कथा को विस्तार से बताते हुए आचार्य जितेंद्र भारद्वाज ने बताया कि इस दिन इंद्र के प्रकोप से गोकुल वासियों व गोकुल की गायों को गोवर्धन पर्वत उंगली पर उठाकर उसके नीचे आश्रय दिया था, उसके बाद से गोवर्धन पर्वत की पूजा हर वर्ष होती है।