भिवानी। किसानों के खाते में पांच कट्टों की खरीद दर्शाई जा रही है, लेकिन उनके हाथ सिर्फ एक ही कट्टा खाद थमाया जा रहा है। धरातल पर खाद को लेकर अब भी किसानों के बीच मारामारी चल रही है।
दूसरी ओर कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। अधिकृत खरीद केंद्रों पर भी सुबह से लेकर शाम तक किसान लंबी कतारें लगा खाद लेने पहुंच रहे हैं। घंटों तक बारी का इंतजार करने के बाद उन्हें सिर्फ एक ही कट्टा डीएपी (खाद) मिल रहा है। अहम बात यह भी है कि अबकी बार जिले में करीब चार लाख एकड़ में सरसों की बिजाई की उम्मीद है, जबकि इस बार गेहूं की जोत का रकबा काफी घटेगा। ऐसे में किसान जल्द से जल्द सरसों की बिजाई करने की जुगत में हैं। मगर खाद हाथ नहीं लगने से अभी भी 25 से 30 फीसदी बिजाई प्रभावित है।
जिले में रबी सीजन की बिजाई के दौरान करीब चार लाख एकड़ भूमि पर सरसों की बिजाई की संभावना कृषि विभाग जता रहा है, जबकि पिछले साल सवा तीन लाख एकड़ में सरसों की बिजाई हुई थी। पिछले साल दो लाख 60 हजार एकड़ में गेहूं की बिजाई हुई थी, मगर इस बार गेहूं की जोत का आकार भी करीब 60 हजार एकड़ तक घट जाएगा। जिसके बाद करीब दो लाख एकड़ में ही गेहूं की बिजाई संभावित है। अब तक जिले में करीब 70 से 75 फीसदी सरसों की बिजाई का काम भी पूरा हो गया है। 25 से 30 फीसदी के करीब बिजाई बाकी है।
खरीद केंद्र पर भड़के किसान, बोले - हमारे साथ हो रहा धोखा
सरकारी खरीद केंद्रों पर खाद लेने पहुंच रहे किसान भी पर्याप्त खाद नहीं मिलने से भड़क रहे हैं। ताजा मामला बुधवार दोपहर नई अनाज मंडी का है। वहां सुबह पांच बजे से ही किसान लंबी लाइनें लगाकर खड़े थे। मगर अधिकृत खाद विक्रेता ने किसानों को सिर्फ एक कट्टा खाद दिया, जबकि उनके मोबाइल फोन पर मैसेज पांच कट्टे खरीद का भेजा गया। यह देखकर किसान भी चकित रह गए और फिर उन्होंने वहां पर हंगामा कर दिया। किसानों ने अधिकारियों व कर्मचारियों पर खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ धोखा हो रहा है, जबकि खरीद केंद्र पर नियम के अनुसार एक किसान को पांच कट्टे डीएपी देने का प्रावधान है।
अब तक जिले में बंट चुकी 9500 एमटी खाद
अब तक जिले में किसानों को 9500 मीट्रिक टन (एमटी) खाद बिक्री हो चुकी है, जबकि खरीद केंद्रों पर फिलहाल 1200 एमटी खाद यानी 24 हजार बैग का स्टॉक उपलब्ध है। इसी तरह सात हजार डीएपी के बैग बुधवार रात तक जिले में आने की संभावना है।
सरसों की चमक ने बढ़ाया बिजाई का रकबा
इस बार जिले में चार लाख एकड़ में सरसों बिजाई होगी। सरसों की चमक यानी उसके बढ़े हुए दामों ने जिले में बिजाई का रकबा बढ़ा दिया है। कृषि अधिकारी भी फिलहाल आठ हजार प्रति क्विंटल तक बिक रही सरसों के दामों को देखकर किसानों का इस ओर रुझान होने का दावा कर रहे हैं, जबकि गेहूं सिर्फ दो लाख एकड़ तक ही बीजा जाएगा। जबकि जिले में गेहूं प्रमुख फसल रही है। (संवाद)
ये बोले कृषि उपनिदेशक
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. आत्माराम गोदारा ने बताया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। सभी कस्बाई व जिला मुख्यालय के खरीद केंद्र पर खाद किसानों को बांटी जा रही है, कहीं कोई दिक्कत नहीं है। इस समय केवल सरसों बिजाई के लिए ही किसानों को डीएपी दी जा रही है, जबकि गेहूं बिजाई के लिए किसान बाद में खाद ले सकते हैं। एक कट्टे की जगह पांच कट्टे देने का मैसेज किसानों के पास जा रहा है तो इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। मामले को दिखवाया जाएगा।
किसान बोले पांच घंटे लाइन में लगे मिला सिर्फ एक कट्टा
सुबह सात बजे से लाइन में लगा था, लेकिन पांच घंटे इंतजार के बाद सिर्फ एक कट्टा खाद मिला है। बुआई का समय भी बीता जा रहा है, लेकिन एक कट्टे से बिजाई कैसे होगी।
-अमर, देवसर निवासी।
गांव से खाद लेने के लिए सुबह आया था, लेकिन एक कट्टा खाद ले जाने में ही मेरा ऑटो रिक्शा का काफी किराया लग जाएगा। इस कट्टे से बिजाई भी संभव नहीं होगी, मेरी परेशानी का कोई समाधान नहीं हुआ।
-सोनू कुमार, गांव छपार वासी।
फोन पर मैसेज पांच कट्टे का आया है, जबकि मुझे खरीद केंद्र पर एक कट्टा खाद मिला है। खरीद केंद्र संचालक से पूछने पर कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं मिल रहा है। खाद की कालाबाजारी हो रही है, किसानों के साथ धोखा हुआ है।
-पवन, गांव रामूपुरा।
खाद वितरण में काफी गड़बड़ हो रही है। मुझे एक ही कट्टा खाद मिली है, जबकि मेरे और अन्य किसानों के फोन पर पांच कट्टे खरीद के मैसेज भेजे हैं, जिसमें भुगतान राशि भी उसी हिसाब से दर्शाई गई है, इसकी जांच होनी चाहिए।
-अजय, गांव रामूपुरा।