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मृत्युभोज के उन्मूलन के लिए कमेटी करेगी जागरूक : कुलवीर घायल

Mon, 15 Dec 2025 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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तोशाम। ग्राम सचिवालय बुशान में रविवार को सामाजिक कुप्रथा निषेध अभियान कमेटी की मासिक बैठक हुई। इसमें मृत्युभोज विरोधी अभियान में विशेष योगदान करने वाले 14 लोगों को सम्मानित किया गया।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए अमर सिंह कालीरामण ने सामाजिक कुप्रथाओं पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इन कुप्रथाओं को जड़ से मिटाने के लिए हम सभी को एकजुट होना चाहिए। समाज में फैली कुप्रथा मृत्युभोज को बंद करने के लिए काफी सामाजिक संगठन एवं खाप खुलेआम पंचायतों के माध्यम से मृत्यु भोज न करने के लिए संगठित होकर जागरूक कर रहीं हैं।
सरपंच प्रतिनिधि चंद्रभान कालीरामण ने कहा कि मृत्युभोज का आज स्वरूप ही बदल दिया गया, जिसमें लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। सामाजिक कुप्रथा निषेध अभियान कमेटी के चेयरमैन कुलवीर धायल ने कहा कि कमेटी समय-समय पर जागरूक अभियान चलाकर मृत्युभोज न करने के लिए जागरूक करेगी। हर महीने कमेटी की मासिक बैठक का आयोजन कर हर घर तक इस मुहिम को पहुंचाया जाएगा और आसपास गांवों को भी शामिल कर जागरूक करेंगे। सदस्यता अभियान चलाकर युवा क्लबों को भी जोड़ा जाएगा।
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सरपंच मेहर चंद ने कहा कि मृत्युभोज करने से पहले अपने बुजुर्गों की सेवा हमें करनी चाहिए वही सबसे बड़ी सेवा है। मृत्युभोज पर होने वाला खर्च शिक्षा, स्वास्थ्य पर लगाना चाहिए। चेयरमैन कुलवीर घायल ने कहा कि वर्ष 2018 में कमेटी के गठन की नींव गांव बुशान में ही पड़ी थी। बुशान गांव का इसमें अहम योगदान रहा। मंढाण निवासी प्यारे लाल ने मृत्यु भोज न कर पानी की समस्या की निजात के लिए नलकूप बनवाया।
बैठक में मृत्युभोज पर पूर्णतः पाबंदी लगाकर कमेटी के संदेश को मजबूत करने वाले कई गांवों से 14 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। शमशेर सिंह ने संचालन किया। इस अवसर पर पूर्व सरपंच महान सिंह, पूर्व सरपंच बीर सिंह, पूर्व सरपंच धोलिया, पूर्व सरपंच हवा सिंह, वेदपाल, जेपी हसान, सत्यवान शर्मा, बृजपाल फौजी, सज्जन संडवा मौजूद रहे।



सामाजिक योगदान के लिए इनको को किया सम्मानित
कमेटी ने सतबीर चैयरमेन, प्यारे लाल मंढाण, ईश्वर बुशान, जगदीश फौजी हसान, सुखबीर संडवा, बलजीत बुशान, विनोद बुशान, वीरेंद्र बुशान, जगमाल बुशान, जयसिंह संडवा, ऋषि लाल संडवा, प्रभु राम व अजीत आदि को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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