भिवानी। मनीषा मौत मामले में सीबीआई की जांच अब निर्णायक मोड़ तक पहुंचने के बेहद करीब आ चुकी है। इसी के चलते मनीषा मौत मामले से जुड़े गवाहों, चश्मदीद और प्ले स्कूल व कॉलेज संचालक से पूछताछ के बाद अब संबंधित पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ की गई है।
सीबीआई अधिकारियों ने मनीषा मौत मामले में प्रारंभिक में भिवानी पुलिस द्वारा की गई छानबीन और इसकी जांच से जुड़े पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ की है। इस दौरान सीबीआई अधिकारियों ने यह भी जाना है कि किस परिस्थिति में मनीषा का शव पुलिस को बरामद हुआ था। इस मामले में पहले और दूसरे पोस्टमार्टम के बाद किस तरह हत्या से पुलिस की थ्योरी आत्महत्या में बदल गई। कौन से फाॅरेंसिक तथ्य सामने आए जिसके बाद ये मामला ही पलट गया। हालांकि सीबीआई के हाथ मनीषा के दिल्ली एम्स में कराए गए तीसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के साथ ही कुछ नए तथ्य भी हाथ लगे हैं। जिनका भी पुलिस की जांच में जुटाए गए तथ्यों से मिलान किया जा रहा है।
मनीषा के पिता संजय ने बताया कि सीबीआई अधिकारियों ने दिल्ली से लौटने के बाद परिजनों से पूछताछ की थी, लेकिन इसके बाद उसका कोई संपर्क नहीं हुआ है। हालांकि बुधवार और वीरवार को सीबीआई अधिकारी भिवानी के रेस्ट हाउस में ही मनीषा मौत मामले से जुड़े तथ्यों का अवलोकन कर रहे हैं। इसी बीच भिवानी पुलिस से भी पूछताछ की गई है। पूछताछ में मुख्य तौर पर क्या बातें हुई, इसका अभी खुलासा नहीं है, लेकिन यह कयास जरूर लगाए जा रहे हैं कि भिवानी पुलिस ने मनीषा की मौत के बाद शव से जो तथ्य और सबूत जुटाए थे, उनसे जुड़ी पूछताछ की गई है।
11 अगस्त से लापता हुई मनीषा का 13 अगस्त को सिंघानी नहर के पास शव मिला था। उस समय लोहारू पुलिस मौके पर पहुंची थी। लोहारू के डीएसपी ने भी मौके का मुआयना किया था। शव के पास से पुलिस ने मनीषा का पर्स व कुछ चीजें जुटाई थी, जबकि मनीषा का क्षतिग्रस्त फोन बाद में मिला था। पुलिस ने बाद में मनीषा के सुसाइड नोट बरामद होने और जहर खाने से मौत की थ्योरी भी बताई थी, जिससे जुड़े आधे-अधूरे तथ्य भी सीबीआई को सौंपे थे।