मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसान भगवान का जयघोष करते हुए रविवार को कृषि एवं पशुपालन मंत्री जयप्रकाश दलाल के अनुरोध पर पशुपालन विभाग की दवाओं का बजट दोगुना करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नकली दूध बेचने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुधारू पशुओं की नस्ल सुधार के लिए और अधिक कार्यक्रम चलाए जाएंगे और पशुपालन को प्रोत्साहन देकर प्रदेश में बेरोजगारी को मिटाने व किसान की आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
रविवार को भिवानी के सेक्टर 13 के सामने मैदान में आयोजित 38वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि स्वयं किसान होने के नाते वह किसानों का दुख, दर्द समझते हैं। उन्होंने कहा कि जोत घटने से किसान की आय भी कम हो रही है। इसलिए सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए भरसक रूप से प्रयास कर रही है। किसान की आय को बढ़ाना आज सबसे बड़ी चुनौती, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि समस्याएं चाहे अनेक हों, उनका समाधान उनकी अपनी भाजपा सरकार है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से रासायनिक खाद व कीटनाशकों का इस्तेमाल कम करने की अपील करते हुए कहा कि जल्द ही सरकार जीरो बजट खेती पर एक बड़ा सम्मेलन करने जा रही है। कृषि क्षेत्र को वैज्ञानिक व नई तकनीक से जोड़कर किसान का खर्च घटाया जा सकता है।
इसके अलावा हम गोपालन कर उसके गोबर की खाद, गोमूत्र का प्रयोग कर भूमि को उर्वरा बना सकते हैं। जीरो बजट खेती की अवधारणा मजबूत करने के लिए सरकार सक्रिय अभियान शुरू करने जा रही है। किसान की आमदनी में वृद्धि के लिए कृषि के सहायक व्यवसायों जैसे मधुमक्खी पालन, डेयरी, मशरूम उत्पादन आदि को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक ऋण व अनुदान योजनाएं चलाई जा रही हैं।
युवक को नौकरी संभव नहीं, स्वरोजगार से जोड़ेंगे
उन्होंने कहा कि हर युवक को नौकरी देना संभव नहीं है। सरकार हर साल दस-पंद्रह हजार पदों के लिए भर्ती करती है, जबकि हर साल दो लाख युवाओं को रोजगार की जरूरत है। इसकी पूर्ति के लिए सरकार ने स्वरोजगार से युवाओं को जोड़ने की पहल की है।
हर साल होगी पशु प्रदर्शनी : दलाल
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि पशुधन प्रदर्शनी कोरोना महामारी के कारण दो साल बाद की गई है। इसे हर साल आयोजित किया जाएगा। दो हजार बेहतर नस्ल के पशु इस मेले में लाए गए। जिनको देखकर अन्य किसानों को भी अपने पशु का खानपान और नस्ल सुधार करने की प्रेरणा मिलेगी। प्रदेश में पशुपालन विभाग की ओर से एंबुलेंस सेवा के लिए 70 मोबाइल वैन शुरू की जाएंगी। उनका विभाग कृत्रिम गर्भाधान की विधि बकरियों के लिए भी आरंभ करने जा रहा है।
सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि खेलों में पदक, सेना में रहकर सीमा की रक्षा के अलावा आज यह मेला देखकर अहसास हुआ कि पशुपालन में भी हरियाणा का किसान मजबूत है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि जो किसान जैविक खेती करता है, उसको दस हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाए। कार्यक्रम में पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन रणधीर सिंह गोलन ने मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों का स्वागत किया। भिवानी के विधायक घनश्याम दास सर्राफ ने कहा कि पिछले तीन दिनों से इस मेले ने भिवानी में धूम मचाई हुई है। एक लाख से अधिक लोगों ने पशुधन मेले का अवलोकन किया है।
समारोह में शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर, बरवाला के विधायक जोगीराम सिहाग, बवानीखेड़ा के विधायक बिशंभर वाल्मिकी, गोसेवा आयोग के चेयरमैन सरवन गर्ग, लुवास हिसार के कुलपति डॉ. विनोद वर्मा, चौ. चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज, पशुपालन विभाग के आयुक्त एवं प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल, पशुधन विकास बोर्ड के प्रबंध निदेशक डॉ. एसके बागोरिया, महानिदेशक डॉ. वीएस लौरा, सीएम के ओएसडी अजय गौड़, उपायुक्त आरएस ढिल्लो, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत, अतिरिक्त उपायुक्त राहुल नरवाल, एसडीएम महेश कुमार, संदीप अग्रवाल व उप निदेशक डॉ. सुखदेव राठी, डॉ. तेजेंद्र राणा आदि मौजूद रहे।