फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना के दौरान माफ नहीं हुआ बिल पर सरचार्ज, बकायेदारों के काटे जा रहे कनेक्शन

विज्ञापन
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम कार्यालय। संवाद - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
संजय वर्मा
विज्ञापन

भिवानी। कोरोना काल के दौरान बिजली निगम ने बकाया बिलों पर कोई भी सरचार्ज माफ नहीं किया। सिर्फ एक माह देरी से बिल भुगतान की मोहलत दी थी। अब यह मोहलत भी खत्म हो गई है। उगाही के लिए निगम ने लाइनमैन से लेकर एसडीओ, एक्सईएन तक को निर्धारित लक्ष्य दिया गया है। निगम कर्मचारी भी वसूली के लिए घर-घर दस्तक दे रहे हैं। जो भुगतान नहीं कर रहा उसके कनेक्शन काटे जा रहे हैं और मीटर भी उखाड़े जा रहे हैं।
मीटर उखाड़ने के लिए गई निगम की टीमों पर हमले की दो घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। हालांकि बिजली निगम का सरकारी बकायेदार विभागों पर कोई जोर नहीं चल रहा है। पूरे सर्कल में निगम कर्मचारियों की फीडर स्तर पर टीमें गठित की हैं, जो रोजाना ही बकायादारों की लिस्ट लेकर मीटर उखाड़ने के लिए निकल पड़ती हैं।
विज्ञापन

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण के भिवानी सर्कल में भिवानी और चरखी दादरी जिलों की करीब साढ़े 11 लाख की आबादी आती है। निगम में सर्कल के अंदर चार लाख 10 हजार बिजली उपभोक्ता हैं, जिनके कनेक्शन चालू हैं। मगर बिजली निगम के पास कनेक्टेड और डिस्कनेक्टेड बकायेदार उपभोक्ताओं की लंबीचौड़ी लिस्ट है, जिसमें राशि भी लाखों की बजाए करोड़ों में बकाया दर्शायी गई है। सबसे बड़े बकायेदार सरकारी विभाग हैं। बिजली निगम सरकारी विभागों से पत्राचार कर रहा है तो घरेलू और व्यावसायिक बकायेदार उपभोक्ताओं के कनेक्शन तक काटे जा रहे हैं।
1.66 लाख उपभोक्ता डिफाल्टर सूची में
बिजली निगम की डिफाल्टर सूची में इस समय एक लाख 66 हजार 200 उपभोक्ताओं के नाम शामिल हैं। इनमें सरकारी विभागों को भी शामिल किया है। जिन पर निगम का 710 करोड़ से अधिक का बकाया है। हालांकि निगम ने पिछले महीने 10761 बकायेदारों से 18 करोड़ 20 लाख से अधिक की राशि उगाही भी की है।
ये बोले लोग : कामधंधे चौपट कर दिए, अब कहां से भरे भारी भरकम बिल
निगम की बकायादारों की सूची में शामिल धर्मबीर, कमलेश, कर्मबीर, महेश, राममेहर ने बताया कि कोरोना ने सभी कामधंधे चौपट कर दिए। अब घर बैठे कहां से निगम का भारीभरकम बिल चुकता करें। उनका कहना है कि कोरोना काल के दौरान बिजली निगम की तरफ से केवल दावे होते रहे, मगर कोई भी बिल पर लगा सरचार्ज माफ नहीं हुआ और न ही बकाया बिल में कोई मोहलत दी गई। सबसे अहम बात तो यह है कि दो रुपये यूनिट का भी छह रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से अब बिल वसूला जा रहा है। निगम ने कई माह तक तो बिल ही नहीं भेजे। अब बिल भेजे तो उसमें यूनिट का हाई रेट लगाया हुआ था, जिससे उपभोक्ताओं पर मानसिक तनाव बढ़ रहा है। बिजली निगम ने यूनिट के हिसाब से बिल कई स्लैब बनाए हुए हैं। सबसे निचले स्लैब पर दो रुपये यूनिट ही लगता है। मगर सबसे हाई यूनिट छह रुपये से अधिक रेट तय किया हुआ है। अब स्लैब सिस्टम की वजह से भी काफी उपभोक्ताओं के बिल हजारों में नहीं, बल्कि लाखों रुपयों में भेजे गए हैं। बकाया बिलों को भी एकमुश्त भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है, जिसमें कोई राहत निगम की तरफ से उपभोक्ता को नहीं है।
उगाही के दौरान हुईं मारपीट की घटनाएं
बिजली निगम की टीम के साथ बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव चोरटापुर में 30 अगस्त को बकाया राशि पर मीटर उखाड़ने को लेकर विवाद हुआ। इसमें निगम कर्मचारियों से मारपीट करने, बंधक बनाने का प्रयास करने व एसडीओ से भी बदसलूकी का आरोप है। इस मामले में बवानीखेड़ा पुलिस ने केस दर्ज किया है। वहीं 29 अगस्त को बहल क्षेत्र के गांव चैहडढ़कलां में भी मीटर उखाड़ने गई टीम पर हमला हुआ था। जिसमें निगम कर्मचारियों से मारपीट, कपड़े फाड़ने व फोन छीनने के आरोप लगे थे। एसडीओ से भी बदसलूकी हुई थी। बहल पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया था। (संवाद)
विज्ञापन

बिल अदायगी में दी थी राहत
बिजली निगम ने कोविड की वजह से बकाया बिजली बिलों की अदायगी को लेकर उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत दी थी, मगर अब निगम प्रबंधन ने लाइनमैन से लेकर जेई, एसडीओ और एक्सईएन तक हर माह लक्ष्य निर्धारित किया है। कोरोना के दौरान एक माह तक बिल नहीं भरने की भी छूट दी गई थी। उपभोक्ता अपने बिजली बिलों का नियमित भुगतान करें।
-रणबीर सिंह, महाप्रबंधक, भिवानी सर्कल, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें