भिवानी। वैश्य महाविद्यालय के संस्कृत विभाग की ओर से संस्कृत श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता करवाई गई। प्राचार्य डॉ. संजय गोयल के नेतृत्व एवं संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. विपिन गुप्ता के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता करवाई गई।
महाविद्यालय के प्रेस प्रवक्ता ललित शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता में बीए तृतीय वर्ष के छात्र हिमांशु ने प्रथम, आशीष ने द्वितीय व छात्रा सोनम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने कहा कि संस्कृत देव वाणी है। संसार की सबसे समृद्ध भाषा संस्कृत है, जिसमें सभी विषयों का ज्ञान है। आज संसार के सभी विकसित देश संस्कृत को कंप्यूटर की भाषा मानते हैं। संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. विपिन गुप्ता ने कहा कि संस्कृत सुरों की भाषा है। ऋग्वेद से लेकर आज तक संस्कृत की यह विशेषता विद्यमान है। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका प्रो. सीमा बंसल व डॉ. मोनिका मित्तल ने निभाई। सहायक प्रोफेसर रेखा ने बताया कि प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागियों ने अच्छी प्रस्तुति दी। इस मौके पर भूपेंद्र कोच, कल्पना गुप्ता मौजूद रहे। संवाद