भिवानी। अब भिवानी, चरखी दादरी, लोहारू और बवानीखेड़ा के सभी वार्डों में घर-घर कूड़ा उठान के लिए रेडियो आवृत्ति पहचान यानि रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटीफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) टैगिंग की जाएगी। इसके जरिये अब वार्डों में हर टिप्पर ऑटो की रोजाना निर्धारित रूट पर घर-घर कूड़ा उठान की ऑनलाइन वेरिफिकेशन भी होगी। अब सफाई के लिए अलग से एप जारी होगा। वहीं, शहरी दायरे से नगर परिषद के कूड़ा प्वाइंटों को भी पूरी तरह से खत्म किए जाने की तैयारी चल रही है।
भिवानी, चरखी दादरी जिलों के साथ कस्बा बवानीखेड़ा और लोहारू की नगर पालिकाओं के वार्डों का कचरा भिवानी के दादरी रोड स्थित डंपिंग यार्ड पर डाला जा रहा है। इसके निस्तारण का जिम्मा श्रीश्याम वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी के पास 22 सालों से है। रोजाना ही इन चारों शहरी दायरे के वार्डों से करीब 180 से 185 टन कचरा निकल रहा है। अकेले भिवानी से ही 120 से 130 टन प्रतिदिन कचरा डंपिंग यार्ड में पहुंच रहा है। कचरा निस्तारण कंपनी ने भिवानी शहर के आठ, चरखी दादरी के नौ और बवानीखेड़ा के चार वार्डों को आरएफआईडी टैगिंग सिस्टम से जोड़ दिया गया है। लोहारू कस्बे के सभी वार्ड आरएफआईडी टैगिंग से जुड़ चुके हैं। संवाद
चार टीमें कर रहीं भिवानी में घर-घर सर्वेक्षण,
भिवानी शहर में चार टीमें वार्डों में घर-घर सर्वेक्षण कर रही हैं। प्रत्येक टीम में दो सदस्य शामिल हैं, जो घरों के अंदर एक फॉर्मेट पर लोगों से कूड़ा उठान को लेकर कुछ सवालों के जवाब जान रहे हैं और उन्हें अपने घर के अंदर सूखा और गीला कचरा भी अलग अलग डालने के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
यह है भिवानी, दादरी, बवानीखेड़ा और लोहारू में सफाई संसाधन व कूड़े की स्थिति
भिवानी शहर के 31 वार्डों में 60 टिप्पर ऑटो लगे हैं। 14 ट्रैक्टर-ट्राॅली, चार लोडर हैं, जबकि शहरभर से रोजाना 120 टन कचरा निकल रहा है। चरखी दादरी में 21 वार्ड हैं, घर-घर कूड़ा उठान में 21 टिप्पर ऑटो, पांच ट्रैक्टर-ट्राॅली, एक लोडर और एक जेसीबी है। दादरी में रोजाना 35 टन कचरा निकल रहा है। लोहारू में 14 वार्ड हैं। चार टिप्पर ऑटो और दो ट्रैक्टर-ट्राॅली हैं। बवानीखेड़ा में 16 वार्ड हैं। छह टिप्पर ऑटो, दो ट्रैक्टर ट्राली घर-घर कूड़ा उठान में लगी हैं, जबकि दादरी, बवानीखेड़ा और लोहारू से भिवानी डंपिंग यार्ड तक कूड़ा लाने के लिए तीन हाईवा भी हैं।
यह है आरएफआईडी टैगिंग
रेडियो आवृत्ति पहचान यानि रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) टैगिंग किसी इलाके को चिह्नित करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। प्रत्येक टिप्पर ऑटो जीपीएस सिस्टम से जुड़ा है, जिसका एक्सेस नगर परिषद के पास है। वहीं, आरएफआईडी के लिए वार्ड के शुरुआती घर और हर दस घर के बाद एक टैग लगा होता है। वार्ड के अंतिम घर पर भी टैग लगाया जाता है। टिप्पर ऑटो चालक के पास स्केनर होता है। वार्ड में घुसते ही वह हर टैग को स्कैन करेगा। इससे उसका ऑनलाइन पोर्टल पर लाइव डाटा आएगा और उसकी वेरिफिकेशन भी होगी।
आरएफआईडी टैगिंग का काम चल रहा है। आने वाले दस दिनों में भिवानी शहर के सभी वार्डों में टैगिंग कर दी जाएगी। इसके बाद प्रत्येक घर से कूड़ा उठान का ऑनलाइन पोर्टल पर प्रत्येक टिप्पर ऑटो का डाटा वेरिफाई होगा। कंपनी कूड़ा संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिए एप भी जारी करेगा, जिस पर सिर्फ कूड़े का फोटो खींचकर लोकेशन के साथ भेजा जाएगा। उसी दिन सफाई का फोटो अपलोड होने के बाद ही समाधान होगा।
- विनित कुमार, मैनेजर, श्रीश्याम वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी।
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शहर को साफ सुथरा रखना हम सबका दायित्व है। इसकी शुरुआत घर से ही संभव है। इसलिए शहरवासी अपने घर से ही सूखे और गीले कचरे को अलग करके गाड़ी में डाले और अपने शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने में प्रशासन का योगदान दें। किसी भी वार्ड में डंपिंग प्वाइंट नहीं रहने दिया जाएगा। कुछ चुनिंदा जगहों पर ही बड़े डस्टबिन होंगे।
-भवानी प्रताप सिंह चेयरपर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद भिवानी।