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सीबीएलयू में जांच करने पहुंची स्टेट विजिलेंस टीम, परीक्षा नियंत्रक के बारे में की पूछताछ

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चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय का मुख्य भवन। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। एचपीएससी और डेंटल सर्जन भर्ती घोटाला मामले में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की एक टीम सोमवार को चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) में जांच करने के लिए पहुंची। टीम ने वहां परीक्षा नियंत्रक के बारे में पूछताछ की। मगर परीक्षा नियंत्रक 22 नवंबर से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं, तब से ही उनका फोन भी बंद आ रहा है। लगभग एक घंटे तक पूछताछ करने के बाद टीम वहां से रवाना हो गई। वहीं सीबीएलयू में स्टेट विजिलेंस टीम के आने से हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन में भी खलबली मची रही।
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हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (एचपीएससी) के डिप्टी सेक्रेटरी अनिल नागर और उनके करीबी अश्वनी शर्मा से पूछताछ में मामले के तार चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से भी जुड़े होने का खुलासा हुआ था। इसी को लेकर सोमवार सुबह स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए विश्वविद्यालय में पहुंची। टीम के सदस्य सीधे कुलपति राजकुमार मित्तल से मिलने के लिए गए। कुलपति विश्वविद्यालय में नहीं थे। इसके बाद टीम उनके निजी सचिव रवि मदान से मिली। उन्होंने परीक्षा नियंत्रक डॉ. पवन गुप्ता के बारे में पूछा। रवि मदान ने बताया कि 22 नवंबर के बाद से डॉ. पवन गुप्ता विश्वविद्यालय में नहीं आ रहे हैं। उनका फोन भी बंद आ रहा है। इसी संबंध में उन्होंने लगभग एक घंटे तक विश्वविद्यालय में पूछताछ की और कर्मचारियों के साथ बातचीत की। उसके बाद टीम वहां से चली गई। जांच में सामने आया है कि सीबीएलयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. पवन गुप्ता ने आरोपी अनिल नागर और अश्वनी शर्मा को परीक्षाओं से संबंधित रोल नंबर उपलब्ध करवाए थे।
शिक्षा बोर्ड प्रशासन में मची खलबली, अनिल नागर रहे चुके हैं सचिव
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की टीम के विश्वविद्यालय में आने की सूचना मिलते ही हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में भी खलबली मच गई। अनिल नागर पहले हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव रह चुके हैं। बोर्ड सूत्रों के अनुसार नागर के नजदीकी रहे अश्वनी शर्मा का भी बोर्ड की सीक्रेसी ब्रांच में लंबे समय तक सीधा दखल रहा है। बताया जा रहा है कि एचटेट और परीक्षा संबंधी अन्य कामों का ठेका जिन फर्मों को दिया गया था, उनका सारा काम अश्वनी शर्मा ही देखता था।
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मांगी गई जानकारी टीम को उपलब्ध करा दी है
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की टीम सुबह जांच के लिए विश्वविद्यालय में आई थी। कुलपति के नहीं होने के कारण मुझसे टीम ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. पवन गुप्ता के बारे में पूछताछ की थी। टीम द्वारा मांगी गई जानकारी उनको उपलब्ध करा दी गई।
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- रवि मदान, निजी सचिव, वीसी राजकुमार मित्तल, सीबीएलयू।
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