भिवानी/ढिगावा मंडी। भिवानी में 25 से 27 फरवरी तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय पशु मेला आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय मेले का शुभारंभ करेंगे। 26 फरवरी को केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला रहेंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल 27 फरवरी को मेले के समापन पर मुख्य अतिथि होंगे। यह जानकारी प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने सोमवार को दी।
मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि गांव खरकड़ी में 120 एकड़ में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के रीजनल सेंटर के लिए 40 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। शीघ्र ही कार्य शुरू किया जाएगा। सरकार खरीफ फसलो में हुए नुकसान की भरपाई के लिए शीघ्र ही किसानों के खातों में करोड़ों का मुआवजा डालेगी। कृषि मंत्री सोमवार को गांव ढिगावा श्यामियान, ढिगावा जाटान, हसनपुर और सिंघानी में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। लोहारू विधानसभा क्षेत्र में बिजली, नहरी पानी, कृषि, बागवानी और पशुपालन विभाग की राष्ट्रीय स्तर की नई-नई परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिनका लाभ न केवल यहां की जनता को सीधे तौर पर मिलेगा, बल्कि प्रदेशभर के किसानों को कृषि एवं पशुपालन विभाग की नई तकनीकों का लाभ मिलेगा। कृषि मंत्री ने ढिगावा में नायक धर्मशाला के लिए 11 लाख की ग्रांट देने की घोषणा की। ढिगावा व हसनपुर में चार दिवसीय खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया और आयोजकों को दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की। ढिगावा जाटान में युवा नेता व नेहरा खाप के जिला प्रधान सुरेंद्र नेहरा ने कृषि मंत्री के नेतृत्व में भाजपा ज्वाइन की। मंत्री ने लोगो की समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को निदान के निर्देश दिए। जनसंपर्क अभियान के दौरान एसडीएम जगदीश चंद्र, मार्केटिंग बोर्ड के कार्यकारी अभियंता अजय राठी, डीएचओ डॉ. हीरालाल, बीईओ धूप सिंह आर्य, एसडीओ चननमल, संजय, एसडीओ बिजली,संदीप श्योराण सहित विभिन्न विभागो के अधिकारी अनेक पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे।
पशुपालनमंत्री ने किया प्रदर्शनी स्थल का निरीक्षण, लिया व्यवस्थाओं का जायजा
भिवानी। कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने सेक्टर-13 के सामने खाली मैदान में 25 से 27 फरवरी को होने वाली राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी के लिए सोमवार को मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पशुपालन और अन्य संबंधित अधिकारियों को पशु प्रदर्शनी को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए जरूरी निर्देश दिए। राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में हरियाणा के साथ राजस्थान और पंजाब संस्कृति की भी झलक देखने को मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय पशु-प्रदर्शनी पशुपालकों व किसानों की आय बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी। प्रदर्शनी के दौरान युवा पशुपालन, मछली पालन व खेती से संबंधित नई-नई जानकारी हासिल करेंगे, जिससे उनके लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पशु-प्रदर्शनी में शामिल होने वाले पशुपालकों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उनके रहने व भोजन का समुचित प्रबंध होगा।
उन्होंने कहा कि पशु प्रदर्शनी में पशुपालन, बागवानी, कृषि से संबंधित उत्पादों की करीब 150 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से पशुपालन और किसान नवीनतम जानकारी हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उत्कृष्ट नस्ल के पशु शामिल किए जाएंगे, जिनके पंजीकरण के लिए पशुपालन विभाग के अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के दौरान कम से कम एक हजार उत्तम नस्ल के पशु शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को मछली पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। प्रदर्शनी के माध्यम से पशुपालकों को यह पता चलेगा कि किस प्रकार से एक पशु का दूध दस लीटर से बढ़ाकर 15 लीटर किया जा सकता है। इसी प्रकार से युवाओं को बागवानी व फूलों की खेती के बारे में भी जानकारी हासिल होगी, ताकि वे परंपरागत खेती से हटकर अन्य खेती कर सके। किसानों को सूक्ष्म सिंचाई के बारे में विस्तार से जानकारी मिलेगी। पशु-प्रदर्शनी में हरियाणवी, राजस्थानी और पंजाब की संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी, जिसके लिए प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इस मौके पर प्रशासनिक व संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।