देश-प्रदेश में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। आलम यह है कि साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी के चार केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इनमें से अधिकतर बैंक खातों के डिजिटल होने के कारण साइबर ठग ऑनलाइन लेनदेन संबंधी सुविधाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। अपना परिचित या रिश्तेदार बताकर ठग विश्वासघात करने के साथ ही सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर कर रहे हैं जबकि थोड़ी सी सावधानी और सतर्कता बरतकर सबके पास उपलब्ध एंड्राइड फोन का सदुपयोग करके इन घटनाओं को कम किया जा सकता है।
तुम्हारा जीजा बोल रहा हूं... कहकर उड़ाए 24,999 रुपये
भिवानी। गांव मिताथल निवासी एक युवती से फोन पर खुद को उसका जीजा बजाकर 24,999 रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
गांव मिताथल निवासी अन्नू ने साइबर थाना पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उसके पास एक फोन कॉल आई। उस पर बोलने वाले ठग ने कहा कि मैं तुम्हारा जीजा बोल रहा हूं। मुझे किसी के पास रुपये भेजने थे, लेकिन गलती से तुम्हारे खाते में 25,000 रुपये आ गए हैं। जल्दी से इस रकम को मेरे खाते में वापस भेजो।
25,000 रुपये भेजने का मैसेज भी आपके फोन पर आया होगा। इस कॉल पर विश्वास कर अन्नू ने आरोपी के खाते में दो बार में 20,000 और 4,999 रुपये जमा करवा दिए। बाद में धोखाधड़ी का पता चलने पर उसने पुलिस को सूचना दी।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर ठगे 67,500 रुपये
भिवानी। मोबाइल फोन सुधारने वाले दुकानदार से क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर उससे 67,500 रुपये की ठगी का केस दर्ज किया गया है। बवानीखेड़ा वार्ड छह निवासी अमित ने पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनके पास एसबीआई के दो क्रेडिट कार्ड हैं। उसके पास एक फोन कॉल आई। इसमें क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर उससे ओटीपी ले लिया। ओटीपी बताते ही धोखाधड़ी कर उसके बैंक खाते से 67,500 रुपये की राशि निकाली गई।
जानकार बताकर पत्रकार को लगाया 25,000 का चूना
भिवानी। खुद को जानकार बताकर पत्रकार को भी 25,000 रुपये का चूना लगा डाला। रुद्रा कॉलोनी निवासी अशोक कुमार ने साइबर अपराध थाना पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि वह एक संस्थान में बतौर पत्रकार काम करते हैं। कुछ दिन पहले उनके पास एक फोन कॉल आई। पहले तो उसने हालचाल पूछा फिर बोला कि मैं रोहतक से मास्टर जी बोल रहा हूं। उसके फोन में ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा नहीं है। उसे किसी के पास 25,000 रुपये भेजने हैं और उनका फोन नंबर भी भेज रहा हूं। इसी दौरान फोन पर 25,000 रुपये मिलने का फर्जी टेक्स्ट मैसेज भी आया। इस पर विश्वास करके उसने बताए गए नंबर पर 25,000 रुपये भेज दिए। इसके बाद पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है।
इंटरलॉकिंग ब्लॉक खरीद के नाम पर लगाया 80,000 का चूना
भिवानी। इंटरलॉकिंग सीसी ब्लॉक खरीदने के नाम पर एक व्यक्ति से 80,000 रुपये ठगी हो गई। हालुवास गेट क्षेत्र निवासी प्रवीन यादव ने साइबर थाना पुलिस में तहरीर दी। इसमें बताया कि उसे इंटरलॉक ब्लॉक चाहिए थे। इसके लिए उनसे 61,000 रुपये भुगतान करने के लिए कहा गया। उनके पास फर्जी टेक्स्ट मैसेज भी भेजे गए। इन पर भरोसा दिलाकर आरोपी ने धोखाधड़ी से अपने बैंक खाते में 80,000 रुपये डलवा लिए। उसके बाद उससे संपर्क नहीं हो सका।