भिवानी के गांव धारेड़ू में हुए संवाद कार्यक्रम में मौजूद वैज्ञानिक व किसान।
भिवानी। जलवायु अनुकूल कृषि पर राष्ट्रीय नवाचार परियोजना के तहत गोद लिए गांव धारेडू में शुक्रवार को किसान वैज्ञानिक संवाद का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ पीपी रोहिल्ला, प्रधान वैज्ञानिक आईसीएआर कृषि औद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जोधपुर की अध्यक्षता में किया। जिसमें कृषि विज्ञान केंद्र भिवानी के वरिष्ठ संयोजक डॉ. आरएस ढिल्लों, डॉ. ममता फोगाट जिला विस्तार विशेषज्ञ मृदा विज्ञान, डॉ. मुरारी लाल जिला विस्तार विशेषज्ञ बाग़बानी, डॉ. मीनू, जिला विस्तार विशेषज्ञ कीट विज्ञान, डॉ. गुलाब सिंह, जिला विस्तार विशेषज्ञ कृषि अर्थशास्त्र एवं 26 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ संयोजक तथा वैज्ञानिक गणों का किसानों द्वारा गुलाब की देकर सम्मान दिया गया। इसमें मुख्यातिथि डॉ. पीपी रोहिल्ला प्रधान वैज्ञानिक ने प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के तहत वर्षा जल संचयन, टपका सिंचाई, फव्वारा सिस्टम, फसल उत्पादन, पशुधन एवं मत्स्य पालन के तहत हरा चारा, अज़ोला, नेपियर घास की खेती व खनिज मिश्रण के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। संयोजक डॉ. आरएस ढिल्लों ने फसल विविधीकरण के तहत क्लोनल सफेदे की खेती, मालाबार नीम एवं जाटी की खेती के बारे में जानकारी दी।
डॉ. ममता फोगाट ने पोषक तत्व प्रबंधन एवं मिट्टी प्रशिक्षण के महत्व के बारे में बताया। डॉ. मुरारी लाल ने फसल विविधिकरण के तहत फलदार पोधों, फूलों एवं सब्जियों की खेती के बारे में जानकारी दी। डॉ. मीनू ने कीट एवं रोग प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। डॉ. गुलाब सिंह ने बही खाते के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम में मुख्यातिथि,कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ संयोजक, वैज्ञानिकगणों तथा प्रगतिशील किसानों का सरपंच प्रतिनिधि बजरंग लाल ने धन्यवाद किया और साथ ही विज्ञानिकों के परामर्श अनुसार नयी तकनीकों के साथ खेती एवं पशु पालन करने का भरोसा दिलाया।