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नियम 134ए में अलॉट हुए स्कूलों के चक्कर काट रहे अभिभावक, निजी स्कूल संचालक बना रहे बहानेबाजी

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नियम 134ए : आवंटित स्कूल भी कटवा रहे चक्कर
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शिक्षा निदेशालय ने जारी किया पत्र : आवंटित निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का दाखिला सुनिश्चित कराना बीईओ की जिम्मेदारी
अभिभावकों ने कहा - बीईओ ऑफिस के अधिकारी भी नहीं दे रहे सीधे से जवाब
भिवानी। नियम 134ए के तहत गरीब बच्चों को आवंटित हुए निजी स्कूलों में दाखिला नहीं मिल रहा है। निजी स्कूल संचालक भी अभिभावकों के चक्कर कटा रहे हैं, वहीं दाखिला देने में बहानेबाजी कर उन्हें टाल रहे हैं ऐसे अभिभावक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अपनी शिकायत लेकर चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। वहीं बीईओ ऑफिस के अधिकारी भी अभिभावकों से सही जवाब नहीं दे रहे हैं।
वहीं शिक्षा निदेशालय ने भी नियम 134ए में अभी तक बहुत कम बच्चों के दाखिले पर संज्ञान लेते हुए सभी शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। जिसमें यह स्पष्ट कहा है कि नियम 134ए के तहत आवंटित हुए निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का दाखिला सुनिश्चित कराना खंड शिक्षा अधिकारी का दायित्व है। अगर कोई निजी विद्यालय गरीब बच्चे को दाखिला देने से इनकार करता है तो इसकी शिकायत भी बीईओ शिक्षा निदेशालय को भेजेगा।
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शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी किए गए पत्र में यह भी हवाला दिया गया है कि 16 दिसंबर को नियम 134ए के प्रथम चरण के दाखिला के लिए 41860 बच्चों को स्कूल आवंटित हुए हैं, लेकिन मंगलवार तक इनमें से केवल 272 विद्यार्थियों के दाखिले ही हुए हैं। वहीं, दाखिले के लिए 24 दिसंबर अंतिम तिथि निर्धारित की हुई है। निजी स्कूल भी 24 दिसंबर का ही इंतजार कर रहे हैं, वे स्कूल पहुंचने वाले अभिभावकों को कभी दस्तावेज पूरे नहीं होने तो कभी बाद में फोन पर सूचना देने का बहाना बनाकर दाखिला नहीं कर वापस भेज रहे हैं। 24 दिसंबर के बाद तिथि निकल जाने पर दाखिला नहीं देने की रट लगाएंगे। ऐसे अभिभावक परेशान होकर शिकायत करने के लिए सीधा निदेशालय में पहुंच रहे हैं।
तीन दिन से लगा रहे चक्कर, नहीं दे रहे कोई संतोषजनक जवाब
अभिभावक जयकिशन, सुभाष, रामनिवास, कर्मबीर का कहना है कि उनके बच्चों का निदेशालय से निजी स्कूल नियम 134ए के तहत आवंटित हुआ है। वे स्कूलों में पहुंचे तो वहां पहले तो उनके दस्तावेजों को पूरा कराने के लिए परेड कराई गई, जब दस्तावेज पूरे हो गए तो बाद में फोन पर दाखिला की सूचना देने का बहाना बनाया गया, जबकि बच्चे का स्कूल में दाखिल नहीं किया। न ही उन्हें कोई लिखित में दाखिले की रसीद दी। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी को शिकायत दी है, लेकिन यहां पर भी कर्मचारी आनाकानी ही कर रहे हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर देंगे धरना
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने बताया कि ज्यादातर निजी स्कूलों ने आवंटन के बावजूद नियम 134ए के तहत गरीब बच्चों को दाखिला नहीं किया है। इस संबंध में अभिभावकों ने लिखित शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी को भी दी है। शिक्षा विभाग ने भी खंड शिक्षा अधिकारी को ही नियम 134ए के सभी बच्चों के दाखिला कराने के लिए जवाबदेह बनाया है। अगर फिर भी गरीब बच्चों के दाखिले नहीं होते हैं तो खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर ही दाखिले से वंचित बच्चों और अभिभावकों के साथ अनिश्चित कालीन धरना दिया जाएगा।
निजी स्कूल पहले ही कर चुके हैं दाखिला नहीं किए जाने का एलान
निजी स्कूल वेलफेयर संगठन पहले ही नियम 134ए के तहत गरीब बच्चों के आवंटित हुए विद्यालयों में दाखिला नहीं किए जाने का एलान किया हुआ है। निजी स्कूलों की दाखिला नहीं देने के पीछे दलील यह है कि पहले दाखिल गरीब बच्चों का भी सरकार ने कोई पैसा उन्हें नहीं दिया है, जब तक सरकार नियम 134ए के तहत दाखिल बच्चों के बजट स्कूलों को भुगतान नहीं करता नए दाखिले नहीं देंगे।
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दाखिले से नहीं कर सकते इनकार
नियम 134ए के तहत कोई भी निजी स्कूल बच्चे को दाखिला देने से इनकार नहीं कर सकता है। मैंने इस बारे में डीईओ व डीईईओ को भी पत्र के माध्यम से सूचना भेज दी है और स्कूल संचालकों से भी व्यक्तिगत बात की है। सभी अलॉट हुए स्कूलों में बच्चों का दाखिला सुनिश्चित कराया जाएगा।
- आनंद शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी भिवानी।
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