भिवानी। 35 मिनट में हुई 24 एमएम बारिश से शहर की सारी व्यवस्था ठप हो गई। बेशक शहर में बारिश के पानी की निकासी पर 92 करोड़ खर्च कर दिए हो मगर सड़कों पर भरा डेढ़ से तीन फीट पानी सारी व्यवस्थाओं की पोल खोल रहा था। शहर के सभी मुख्य मार्गों पर डेढ़ से तीन फीट तक पानी भरा है। देर शाम तक भी बूंदाबांदी चलती रही। बारिश शहर वासियों और किसानों के लिए राहत लाई। शहर वासियों को गर्मी से राहत मिली तो किसान अब फसलों की बिजाई की तैयारी में जुट गए हैं। किसानों की दम तोड़ती कपास की फसल में भी जान आ गई है। मगर शहर ही नहीं गांवों की गलियों में भरा बारिश का पानी आफत भी बना और लोग घरों में कैद होकर रह गए।
बुधवार देर शाम से ही मौसम में बदलाव आने लगा था। रात को ठंडी हवाएं भी चलीं। वीरवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे और लोगों को बारिश शुरू होने का इंतजार था। दोपहर बाद करीब तीन बजे अचानक बूंदाबांदी शुरू हुई। सवा तीन बजे तेज बारिश शुरू हुई। करीब 35 मिनट में 24 एमएम बारिश दर्ज की गई। देर शाम तक भी रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही।
बारिश के बाद शहर की सूरत फिर बिगड़ी नजर आई। शहर के सभी मुख्य मार्गों पुराना बस स्टैंड से नया बाजार मार्ग, भोजावाली माता मंदिर के सामने वाले नया बाजार, लोहड़ बाजार, बिचला बाजार मार्ग, फैंसी चौक, रोहतक गेट चौक, बीटीएम चौक, दिनोद गेट, खाकी बाबा मंदिर क्षेत्र, बावड़ी गेट, दादरी गेट, हनुमान गेट, हालुवास गेट, एमसी कॉलोनी, आदर्श नगर, कोर्ट परिसर के सामने, हांसी रोड पर डेढ से तीन फुट तक पानी भर गया। पुराना बस स्टैंड, फैंसी चौक समेत विभिन्न क्षेत्रों में तो दुकानों में भी पानी भर गया। मुख्य मार्गों पर ही नहीं शहर की विभिन्न कॉलोनियों की गलियों खासकर निचले क्षेत्रों की गलियों में तो हालात बदतर नजर आए। जिस कारण लोग घरों और दुकानों में कैद होकर रह गए। बारिश का आलम यह रहा कि विधायक घनश्याम सर्राफ के आवास वाली बागकोठी कॉलोनी में भी दो से तीन फुट पानी भरा रहा। विधायक आवास के बाहर भी जलभराव हुआ।
भीष्ण गर्मी से मिली राहत
अचानक आए मौसम में बदलाव और बारिश लोगों के लिए राहत भी लाई। पिछले एक सप्ताह से तापमान 42 डिग्री के करीब था। अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान 32 डिग्री तक पहुंच गया था। जिस कारण लोग गर्मी से बेहाल थे। लोगों को न दिन में राहत थी और न रात को आराम। बिजली कटों ने भी परेशानी बढ़ा दी थी। बिजली की मांग 60 लाख यूनिट से 80 लाख यूनिट तक पहुंच गई थी। लोग उल्टी-दस्त, हैजा, वायरल बुखार आदि बीमारियों से ग्रस्त होने लगे थे। अब बारिश के बाद तापमान में काफी गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
कपास में आई जान, बाजरा, मूंग, ग्वार की हो सकेगी बिजाई
भीषण गर्मी के कारण किसानों की कपास की फसल मुरझा कर दम तोड़ रही थी। अब बारिश के बाद कपास में नई जान आ गई है। जिले में 2.32 लाख एकड़ में कपास की फसल है। अब किसानों ने बाजरे, मूंग, ग्वार की बिजाई की भी तैयारी कर ली है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद भी काफी किसानों ने बाजरे, मूंग, ग्वार की बिजाई की थी मगर उसके बाद की गर्मी में पौधे दम तोड़ गए। जिस कारण किसान अच्छी बारिश के इंतजार में थे। जिले के भिवानी-बवानीखेड़ा ब्लॉक में 50 हजार एकड़ में धान की फसल रोपाई होती है। जिसमें काफी सिंचाई की जरूरत होती है। अब किसानों को सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। विशेषज्ञों के अनुसार ट्यूबवेल का पानी खेत में पांच से 10 दिन काम देता है जबकि बारिश का पानी 20 दिन तक फसलों में जान भरता है।
वर्जन
बारिश फसलों के लिए सोना है। अब किसानों को खेतों में एक सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। चूंकि बारिश अच्छी हुई है तो बाजरा, ग्वार, मूंग की बिजाई अच्छे से हो सकेगी। धान की रोपाई भी बेहतर रहेगी। बारिश से कपास की दम तोड़ती फसल में भी नई जान आ गई है। बारिश हर तरह से किसानों के लिए फायदेमंद है।
आत्माराम गोदारा, उप निदेशक, कृषि विभाग