भिवानी। भिवानी के डीआरडीए सभागार में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने असम की दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग के मामले में सुनवाई की। इस दौरान चरखी दादरी पुलिस के डीएसपी और महिला पुलिस थाना एसएचओ शामिल हुईं। सुनवाई के दौरान एलपीए मनोज द्वारा लड़की की गलत तरीके से कराई गई काउंसिलिंग के तथ्य रखे गए, जिसकी पुष्टि के दौरान काउंसिलिंग फर्जी पाई गई, जिसके बाद एलपीए मनोज को आयोग के अध्यक्ष ने गिरफ्तार किए जाने के आदेश दिए। वहीं सवा दो महीने से जिन आरोपियों को दादरी पुलिस अज्ञात मानकर केस को रफादफा करने की तैयारी में थी, उन में से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। जिस उषा नाम की महिला को दादरी पुलिस फेक बताकर टाल मटोल कर रही थी, उसका पता भी लगा लिया। आरोपी महिला पर अपने गेस्ट हाउस में जिस्मफरोशी कराने का केस दर्ज हुआ था।
शनिवार को भिवानी के डीआरडीओ हाल में आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के सामने उपस्थित होकर दादरी के डीएसपी, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और एसएचओ महिला थाना ने आरोपी की गिरफ्तारी की स्टेटस रिपोर्ट दी। अध्यक्ष ने उषा को गिरफ्तार करने के लिए सात दिन का समय देते हुए फटकार भी लगाई और कहा कि यदि सात दिन में उषा और अन्य को गिरफ्तार नहीं किया तो एसपी की शिकायत गृह मंत्रालय में की जाएगी। बाल आयोग के अध्यक्ष ने केस में कोताही बरतने और सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप में तुरंत प्रभाव से एलपीए मनोज को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।
यह था पूरा मामला
अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में असम की नाबालिग दादरी के पास खेतों में लावारिस हालत में रोते हुए मिली थी। वहां पर कुछ लोगों ने लड़की को देखा तो पुलिस को बुलाया गया। नाबालिग ने पुलिस को बताया था कि उसके साथ दो लड़कों ने दुष्कर्म किया है। दादरी शहर की एक महिला ने रुपये लेकर दो लड़कों के साथ भेजा था। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसके बाद अप्रैल के दूसरे सप्ताह में लड़की को भिवानी के बाल सेवा आश्रम में भेजा गया। यहां पर नाबालिग कोरोना संक्रमित हो गई। 16 मई को नाबालिग ने बाल सेवा आश्रम के काउंसलर के माध्यम से हरियाणा बाल आयोग अध्यक्ष को शिकायत की कि बाल संरक्षण विभाग भिवानी के एक सदस्य ने उसके साथ छेड़छाड़ की है और गलत तरीके से सवाल पूछे हैं। उस पर संज्ञान लेते हुए 18 मई को हरियाणा बाल आयोग अध्यक्ष ज्योति बैंदा भिवानी आश्रम पहुंची और उस स्टाफ सदस्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
वर्जन::
असम की नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई को अंजाम दिया है। दादरी पुलिस को उषा व अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए सात दिन का समय दिया है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने और साजिश रचने के आरोप में एलपीए मनोज को तुरंत प्रभाव से पुलिस को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में जो भी अधिकारी संलिप्त मिलेंगे, उनकी बर्खास्तगी के लिए राज्य सरकार को अनुशंसा भेजी जाएगी। पीड़ित बच्ची को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा।
- प्रियंक कानूनगो, अध्यक्ष राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग।
वर्जन:::
राज्य बाल आयोग की तरफ से इस मामले में पहले दिन से ही सख्त रवैया अपनाया गया था। जिसके परिणाम स्वरूप दादरी पुलिस और जिला प्रशासन हरकत में आया, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई आरंभ हो गई है। बचे हुए दोषियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।
- ज्योति बैंदा अध्यक्ष हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग।
वर्जन:::
मैं पहले दिन से ही कह रहा था कि बच्ची के बयान में बताई गई उषा और दादरी गेस्ट हाउस की संचालक उषा दोनों एक ही महिला हैं। लेकिन दादरी पुलिस ने नहीं सुनी। मैं प्रियंक कानूनगो और ज्योति बैंदा का आभारी हूं, जिनके दखल के बाद दोषियों की सच्चाई सामने आई और उन कानून का शिकंजा कस गया। शायद पीड़ित बच्ची के जख्मों पर कुछ मरहम लगेगा।
- सुशील वर्मा, पूर्व सदस्य, हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग।