रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय। संवाद
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भिवानी। नगर परिषद में हुए घोटाले में आरोपी निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव और तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव को चार दिन के रिमांड के बाद विजिलेंस टीम ने शनिवार को कोर्ट में पेश किया। यहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। विजिलेंस टीम ने अतिरिक्त रिमांड की मांग नहीं।
पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल की शिकायत पर दर्ज हुए धोखाधड़ी के मामले में पुलिस अब तक करीब 14.71 करोड़ के घोटाले का खुलासा कर चुकी है। मामले की जांच 27 मार्च को विजिलेंस को सौंपी गई। मामले में 28 मार्च को विजिलेंस टीम ने नप के निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव और तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी संजय यादव को गिरफ्तार किया। दोनों को 29 मार्च को कोर्ट में पेश कर चार-चार दिन के रिमांड पर लिया। लोगों को उम्मीद थी कि दोनों से बड़े खुलासे होंगे और घोटाले की बड़ी राशि भी बरामद हो सकती है। मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। दोनों से पुलिस ने कोई रिकवरी नहीं दिखाई। दोनों को शनिवार को दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया गया और फिर कोर्ट के निर्देश पर जेल भेज दिया गया। मामले में विजिलेंस की टीम ने दिनभर आरोपी अकाउंटेंट सुरेश कुमार और संजय बंसल से ही पूछताछ करती रही।