तोशाम (भिवानी)। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आरोपी राजेश 13 हजार रुपये लेता था। उसमें से एक हजार रुपये अपने पास रखकर 12 हजार रुपये आगे बनवाने के लिए दे देता था। वहीं सागवान निवासी सतीश को प्रति जन्म प्रमाणपत्र के अपलोड करने पर पांच हजार रुपये मिलते थे। तोशाम निवासी राजेश व सागवान निवासी सतीश ने पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में यह कुबूला है।
उल्लेखनीय है कि नागरिक अस्पताल तोशाम की आईडी हैक कर अवैध तरीके से जन्म प्रमाणपत्र बनाने का मामला 28 सितंबर को सामने आया था। जिसके बाद पुलिस ने चिकित्सक की शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसी मामले में मंगलवार को दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान उन्होंने बताया कि वे 9 जन्म प्रमाणपत्र आईडी हैक करके बना चुके हैं। एक जन्म प्रमाणपत्र पर राजेश 13 हजार रुपये लेता। उसको एक हजार रुपये बचत आती थी। 12 हजार रुपये राजेश का एक साथी जो अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है, वह लेता था, उनमें से वह 5 हजार रुपये सागवान निवासी सतीश को जन्म प्रमाणपत्र के अपलोड करने पर देता था।
पुलिस पूछताछ में बताया कि राजेश को सिर्फ एक हजार रुपये ही बचते थे। मालूम हो कि नागरिक अस्पताल तोशाम की रजिस्ट्रेशन सिस्टम की आईडी हैक कर किसी ने विभिन्न जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिए। खुलासा होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी। 28 सितंबर को पुलिस को दी शिकायत में तोशाम नागरिक अस्पताल में कार्यरत चिकित्सा अधिकारी कम रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु डॉ. पुनीत कुमार ने बताया था कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र पोर्टल की आईडी उसके नाम से चलती है। विभिन्न गांवों के 10 लोगों ने पोर्टल पर आईडी का प्रयोग करते हुए अपने बच्चों के फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कर लिए थे। थाना प्रभारी जयसिंह यादव ने बताया कि पुलिस ने मामले में सागवान निवासी सतीश व तोशाम निवासी राजेश ने रिमांड पर लिए गए हैं, रिमांड के दौरान पूछताछ की जा रही है।