भिवानी के एक निजी स्कूल द्वारा गरीब मजदूरों के 5वीं और 8वीं में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल से निकालने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्कूल को बच्चों को कक्षा में बैठाने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने अभिभावकों को आदेश दिया है कि फिलहाल वह फीस जमा करवाएं यदि फैसला उनके हक में आया तो अतिरिक्त राशि ब्याज सहित स्कूल से वापस करवाई जाएगी।
याचिका दाखिल करते हुए 32 छात्रों ने बताया कि स्कूल द्वारा मनमाने चार्ज लगाने को लेकर उन्होंने फी एंड फंड रेगुलेटरी कमेटी के पास शिकायत दी है। इस शिकायत पर अभी सुनवाई चल रही है और इसीलिए बढ़ी फीस और अतिरिक्त चार्ज का भुगतान नहीं किया गया। शिकायत लंबित होने के बावजूद स्कूल ने फीस का भुगतान न करने पर इन छात्रों को स्कूल से बाहर निकाल दिया है।
याची ने कहा कि किसी भी छात्र को शिक्षा के अधिकार से वंचित करना सीधे तौर पर उसके संविधानिक अधिकारों का हनन है। ऐसे में स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाए और छात्रों को कक्षा में बैठने दिया जाए। हाईकोर्ट ने फिलहाल परिजनों को राशि का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि फैसला याचिकाकर्ताओं के हक में आता है तो आगे जाकर स्कूल को यह राशि ब्याज सहित लौटानी होगी। साथ ही हाईकोर्ट ने स्कूलों को इन छात्रों को कक्षा में बैठाने के भी आदेश दिए हैं।