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प्रॉटोकॉल बना ग्रामीण और राष्ट्रपति के बीच दीवार

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत करते राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री मनोहरलाल और उ? - फोटो : Bhiwani
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सुरेंद्र दलाल
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भिवानी। हरियाणा में चल रहे किसान आंदोलन का असर राष्ट्रपति के कार्यक्रम पर भी दिखाई दिया। राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के चलते ग्रामीणों को राष्ट्रपति के बीच एक दीवार बनी रही। कई जगह सुरक्षा जांच के बाद ग्रामीण आयोजन स्थल तक पहुंच सके। राष्ट्रपति का कार्यक्रम सभागार में कराया गया। अपने ही गांव में पहुंचे राष्ट्रपति को सुनने के लिए गांव के लोगों को एलईडी का सहारा लेना पड़ा।
राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने अत्यधिक सतर्कता बरती। राष्ट्रपति का कार्यक्रम सभागार में रखा गया। जिसमें चुनिंदा 70 से 80 लोगों को ही मौका मिला। सभागार की हर एक लाइन में पहली कुर्सी राष्ट्रपति सुरक्षा के कर्मी को दी गई। हर एक लाइन में सिक्योरिटी का एक व्यक्ति भी सादी वर्दी में तैनात रहा। बिना पहचान पत्र किसी को भी शामिल नहीं होने दिया गया। सभागार के बाहर मौजूद रहे कार्यक्रम में भी काले कपड़े, काली जुराब, काली चुनरी वालों को प्रवेश नहीं दिया गया। गहरे नीले रंग के कपड़े वालों को भी लौटा दिया गया। ग्रामीणों को अत्यधिक सुरक्षा के चलते काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गांव में हर गली-चौराहे पर पुलिस बल तैनात था। सुबह दस बजे से ही लोगों को घर से बाहर निकलने पर पूछताछ हो रही थी। राष्ट्रपति के लौटने के बाद भी सीएम, डिप्टी सीएम का काफिला हेलीपैड पर रहा। इस दौरान भी पुलिस ने ग्रामीणों को मुख्य सड़क पर नहीं आने दिया। गांव के पार्क से भी ग्रामीणों को लौटा दिया।
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मीडिया के प्रवेश पर भी रोक
राष्ट्रपति के कार्यक्रम में सभागार में किसी भी मीडिया कर्मी को प्रवेश नहीं दिया गया। सभागार के बाहर ग्रामीणों के लिए बनाए गए आयोजन स्थल तक मीडिया कर्मी पहुंच सके। यहां भी केवल 13 मीडिया कर्मियों को विशेष पहचान पत्र के जरिये इंट्री दी गई।
एक घंटे सूई में रहे राष्ट्रपति
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सभागार में करीब 14 मिनट तक संबोधित किया। इसके बाद बाहर ग्रामीणों के समक्ष 6 मिनट तक बोले। स्कूल में भी करीब 10 मिनट तक रहे। दोपहर साढ़े 12 बजे राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर उतरा। दोपहर बाद 1:30 बजे वह रवाना हो गए।
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सांसदों को भी दूर रखा गया
राष्ट्रपति के कार्यक्रम में राज्यपाल, सीएम, डिप्टी सीएम के अलावा जिंदल परिवार ही राष्ट्रपति के सुरक्षा घेरे में पहुंच सका। प्रदेश के मंत्री, सांसद, विधायक सुरक्षा घेरे से बाहर रखे गए।
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