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प्रॉपर्टी सर्वे रिपोर्ट कहां मिलेगी बताया नहीं मांग लिए रिपोर्ट पर दावे-आपत्तियां

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प्रापर्टी सर्वे पर दावे व आपत्ति लेते नप कर्मचारी। संवाद - फोटो : Bhiwani
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सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली भी कमाल है। प्रदेशस्तर पर याशी कंपनी ने प्रॉपर्टी का सर्वे किया। मकानों, दुकानों व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में मौजूद लोगों से आधार कार्ड लिए गए। अब सर्वे रिपोर्ट को ऑनलाइन किया गया है, मगर कैसे देख सकते हैं, अधिकतर लोगों को नहीं पता। नप कार्यालय में रिपोर्ट ही नहीं दी गई। नप के अधिकतर अधिकारियों, कर्मचारियों तक को नहीं पता कि सर्वे रिपोर्ट कहां और कैसे देख सकते हैं।
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वहीं शहरी निकाय निदेशालय ने सर्वे पर दावे-आपत्तियां मांग ली हैं। 18 फरवरी से चार मार्च तक दावे और आपत्तियां ऑनलाइन और ऑफलाइन आमंत्रित की गई हैं। मगर बड़ा सवाल यह है कि जब किसी को पता ही नहीं कि सर्वे क्या हुआ है, कैसे और कहां देखे, फिर वो दावे और आपत्तियां कहां से दें। आमजन और पार्षदों ने सर्वे पर जभी सवाल उठाए हैं। लोगों ने पहले सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। लोगों का आरोप है कि सिर्फ आधार कार्ड की कॉपी लेकर सर्वे किया गया है, ऐसे में किरायेदार भी मालिक बनेंगे। लोगों ने हरसैक कंपनी वाले सर्वे को सही बताया है।
पहले हरसैक ने तो बाद में याशी कंपनी किया सर्वे, असमंजस में रहे लोग
सितंबर-अक्तूबर 2020 में जिलास्तर पर गठित हरसैक कंपनी ने शहर में प्रॉपर्टी का सर्वे किया था, जिसमें करीब 70 हजार यूनिट (मकान, दुकान आदि) शहर में सामने आए हैं। इसके बाद अक्तूबर 2029 में राज्यस्तर पर याशी कंपनी को सर्वे की जिम्मेवारी सौंप दी गई। इस दौरान हरसैक कंपनी काफी लोगों को सर्वे कर प्रॉपर्टी आईडी दे चुकी थी। बाद में राज्यस्तर पर गठित याशी कंपनी सर्वे करने लगी। जिस कारण हरसैक की ओर से सभी लोगों को प्रॉपर्टी आईडी नहीं दी जा सकी। मगर सर्वे का सारा रिकॉर्ड नगर परिषद भिवानी को जरूर दिया गया। याशी कंपनी के कारिंदों ने सर्वे के दौरान लोगों से राशन कार्ड की कॉपी ली। उक्त कंपनी के सर्वे में 74 हजार प्रॉपर्टी (मकान, दुकान आदि) सामने आईं। कंपनी सर्वे कर जा चुकी है मगर सर्वे रिपोर्ट अभी भी जिलास्तर पर नगर परिषद के पास नहीं पहुंची है।
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यूं देखें अपनी प्रॉपर्टी आईडी
आमजन अपनी प्रॉपर्टी आईडी देखने के लिए यूएलबी की वेबसाइट की बजाय pmsharyana.com पर सच करें। सरकारी वेबसाइट पर प्रॉपर्टी आईडी देखने के लिए www.pmsharyana.com दिख रहा है, जो कि खुल नहीं रही। इसमें जिला, कस्बा, कॉलोनी भरने, नाम भरने पर आईडी देखी जा सकती है। नाम नहीं मिल रहा हो तो मैप को बड़ा करें। जिस पर अलग-अलग गुब्बारे नजर आएंगे, जिन पर क्लिक करने पर उक्त प्रॉपर्टी की पूरी डिटेल सामने आ जाएगी।
ऑनलाइन और ऑफलाइन के अलावा रहेगी हेल्प डेस्क
प्रॉपर्टी सर्वे पर आपत्तियां और दावे ऑनलाइन मांगे गए हैं। इसके लिए बाकायदा एक पोर्टल तैयार किया गया है, जिसका 17 फरवरी को शहरी निकाय मंत्री ने शुभारंभ किया है। ऑनलाइन के अलावा ऑफलाइन भी दावे और आपत्तियां मांगे गए हैं। साथ ही नप अधिकारियों को भी हेल्प डेस्क लगाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
साल में घर संभालने भिवानी आते हैं लोग, विभाग ने दिए महज 15 दिन
शहर के काफी लोग ऐसे हैं, जो व्यापार, नौकरी के कारण दूसरे राज्यों या जिले में रह रहे हैं। ये लोग त्योहार या किसी पारिवारिक कार्यक्रम में ही आते हैं। उनके भवन या तो बंद हैं या फिर किराये पर दे रखे हैं। ऐसे में 15 दिन का समय ही दावों और आपत्तियों के लिए दिया गया है, जिसमें दो-तीन दिन तो सरकारी अवकाश हैं।
क्या कहते हैं पार्षद
मुझे ही नहीं पता कि सर्वे में है क्या। पहले सर्वे करने वाली कंपनी ने प्रॉपर्टी आईडी दी थी मगर अब याशी कंपनी कोई रिपोर्ट नहीं दी है। मुझे मेरी प्रॉपर्टी का नहीं पता, वार्ड वालों के कैसे बताऊंगा। नप कार्यालय में भी कोई सर्वे रिपोर्ट नहीं है। कंपनी के कारिंदों ने सिर्फ राशन कार्ड लिए थे। ज्यादातर जगह किरायेदार रहते हैं, कारिंदे किरायेदारों के ही आधार कार्ड ले गए। ऐसे में सर्वे विवादित होने की पूरी-पूरी आशंका है।
-गोविंद राम बिल्लू बादशाह, पार्षद
हरसैक कंपनी ने काफी जिलों में सर्वे किया है और सभी जगह इनकी वेबसाइट बंद है। इनके अधिकारियों से संपर्क किया था और वे बता रहे हैं कि जल्द ही ठीक हो जाएगी। ऐसे में वेबसाइट चलने का इंतजार किया जा रहा है। आगामी एक-दो दिन में ही वेबसाइट ठीक होने की उम्मीद है।
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- संजय यादव, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद
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