पहले एचएसआईआईडीसी प्रतिवर्ष दस मिलियन टन पत्थर निकालती थी। अब एचएसआईआईडीसी 24 मिलियन टन निकालेंगी। क्रशर मालिकों ने इसकी लिए मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर, कृषि मंत्री जेपीदलाल व जिला परिषद चेयरपर्सन अनीता मलिका का आभार प्रकट किया।
एचएसआईआईडीसी द्वारा जब 10 एमटीपीए क्रशर निकालती तब क्रशर मालिकों को पत्थर बहुत कम मात्रा में मिल पाता था। इसके कारण भवन सामग्री के भाव आसमान छू जाते थे। क्रशर व रोड़ी के भाव आठ सौ रुपये टन तक पहुंच जाते थे। अब 24 एमटीपीए पत्थर निकलने के बाद क्रशर मालिकों को पत्थर पूरा मिल पाएगा। इसके कारण क्रशरों पर पत्थर की कमी नहीं होगी और भवन सामग्री के भाव भी नहीं बढ़ेगे।
10 मिलियन टन पत्थर की बोली पिछले सप्ताह करवाया चुकी थी बोली एचएसआईआईडीसी
एचएसआईआईडीसी पिछले सप्ताह 10 मिलियन टन पत्थर की बोली पूरी करवा चुकी थी। 525 रुपये प्रति टन के हिसाब से पत्थर की बोली छुट्टी थी। अब अगले सप्ताह से एचएसआईआईडीसी दोबारा से पत्थर की ऑनलाइन बोली शुरू करेंगी। पत्थर का भाव एचएसआईआईडीसी द्वारा 325 रुपये प्रति टन निर्धारित किया हुआ है। ईसी बढ़ने व सीटीओ की मंजूरी आने से पहले पत्थर की कमी के चलते पत्थर की बोली पांच सौ रुपये से 525 रुपये तक चढ़ जाती थी। अब पत्थर का अभाव नहीं रहा तो पत्थर की बोली इतनी ज्यादा नहीं बढ़ेंगी। अब एचएसआईआईडीसी द्वारा ढाई माह में 14 मिलियन टन पत्थर और निकालना है। साढ़े दस माह में एचएसआईआईडीसी द्वारा 10 मिलियन टन पत्थर निकाला जा चुका है।
भवन सामग्री मिल रही सात सौ से लेकर 750 रुपये प्रति टन के भाव से
अब भवन सामग्री लोगों को सात सौ रुपये से 750 रुपये टन मिल रही है। जैसी ही क्रशर मालिकों को पत्थर पूरा मिल पाएगा। उसके बाद भवन सामग्री का भाव 500 रुपये से साढ़े पांच सौ रुपये प्रति टन मिल जाएगा। जिससे लोगों को कम भाव पर बढ़िया सामग्री मिल पाएंगी। क्रशर एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मलिक ने बताया कि इससे खानक व तोशाम में विभिन्न दुकानों, ड्राइवरों, ऑपरेटर, मुंशी, सर्विस स्टेशन, टायर पंक्चर की दुकानों के रूप पूरे क्षेत्र में रोजगार के बेहतरीन अवसर पैदा होंगे।
सीटीओ के लिए प्रदूषण विभाग से अनुमति मिल गई है। अगले सप्ताह से पत्थर की बोली शुरू कर दी जाएगी।
- अनिल सिंगला, मैनेजर, एचएसआईआईडीसी।