भिवानी। अब फैमिली आईडी में आय की वेरिफिकेशन में तहसीलदार और बीडीपीओ भी अपनी रिपोर्ट देंगे। इससे पहले ग्रामीण क्षेत्र की फैमिली आईडी में आय की वेरिफिकेशन में बीएलओ और पटवारी की रिपोर्ट ही अनिवार्य थी, लेकिन अब मानव सूचना संसाधन विभाग अपने ऑनलाइन प्रोफार्मा में तहसीलदार और बीडीपीओ का ऑप्शन भी जोड़ दिया है।
तहसीलदार और बीडीपीओ के पास वही मामले जाएंगे जो लोकल कमेटी और सेक्टर कमेटी की रिपोर्ट में आय की वेरिफिकेशन आपस में मिलान नहीं होगी। शहरी दायरे में नगर परिषद और नगर पालिका के सचिव की रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। हरियाणा मानव सूचना संसाधन विभाग ने सभी सरकारी योजनाओं को अब फैमिली आईडी से जोड़ दिया है। इससे की आधार, बैंक खाता, बिजली बिल भुगतान, राजस्व और वोटर आईडी का डाटा भी अब फैमिली आईडी से जुड़ गया है।
ऐसे में अधिकांश परिवारों की आमदनी एक लाख 80 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है। जबकि कई योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब सरकार ने तीन लाख तक की आय तय कर दी है। अब भी मानव सूचना संसाधन विभाग के समक्ष काफी ऐसे मामले आ रहे हैं, जिनमें परिवार अपने सदस्यों की आय पर अपनी आपत्ति जता शिकायत दर्ज करा रहे हैं। ये शिकायतें क्रीड (मानव सूचना संसाधन विभाग) में ऑनलाइन दर्ज हो रही हैं।
इसके बाद आय की वेरिफिकेशन का काम भी अब बढ़ गया है। जब तक फैमिली आईडी में सरकार द्वारा निर्धारित आय नहीं दर्शायी जाएगी तब तक उस परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। भिवानी जिले में तीन लाख 17 हजार परिवार पहचान पत्र बन चुके हैं। जबकि विभाग के पास आय से जुड़ी करीब डेढ़ हजार से अधिक शिकायतें प्रक्रिया में हैं। संवाद
ये है आय वेरिफिकेशन की नई व्यवस्था
आय की वेरिफिकेशन के लिए सबसे पहले पांच सदस्यीय लोकल कमेटी बनाई गई है। इसमें बीएलओ, परिवार पहचान पत्र का ऑपरेटर, वालंटियर, स्टूडेंट वालंटियर, सोशल वर्कर शामिल है। इसके बाद सेक्टर कमेटी में भी पांच सदस्य हैं। इसमें पीजीटी बीएलओ, परिवार पहचान पत्र पोर्टल का ऑपरेटर, वालंटियर, स्टूडेंट वालंटियर, सोशल वर्कर है। अगर किसी परिवार पहचान पत्र की आय वेरिफिकेशन में लोकल और सेक्टर कमेटी की रिपोर्ट में भिन्नता है तो एडीसी पोर्टल पर शिकायत दर्ज होगी। इसके बाद उसके घर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन होगी। इसी तरह जिन परिवारों की आय गलत दर्शायी गई है। उसमें सरपंच, पटवारी के अलावा अब तहसीलदार और बीडीपीओ की रिपोर्ट निर्धारित प्रोफार्मा पर अनिवार्य होगी। शहरी दायरे में नगर परिषद व नगर पालिका का सचिव रिपोर्ट करेगा। जिसके बाद मामला जोनल मैनेजर के पास वेरिफिकेशन के लिए पहुंचेगा। जोनल मैनेजर की वेरिफिकेशन रिपोर्ट के बाद मानव सूचना संसाधन विभाग जिला प्रबंधक के पास पहुंचेगा। क्रीड के जिला प्रबंधक की रिपोर्ट एडीसी को सौंपी जाएगी। जिसके बाद ही आय की गलती ठीक होगी।
परिवार पहचान पत्र में आय वेरिफिकेशन को लेकर संशोधित निर्देश मिले हैं, जिसके तहत अब ग्रामीण क्षेत्र की फैमिली आईडी में तहसीलदार और बीडीपीओ की रिपोर्ट अनिवार्य होगी। इसी तरह शहरी दायरे में नगर परिषद और पालिका के सचिव की रिपोर्ट होगी। इसके बाद ही आय की गलतियों को ठीक किया जाएगा।
-खुशवंत सिंह जिला प्रबंधक मानव सूचना संसाधन विभाग भिवानी।