भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल में 14 साल से अधर में पड़े आरओ प्लांट की आखिरकार स्वास्थ्य विभाग सुध लेगा। 2009 में 70 लाख रुपये का बजट खर्च कर बनाए गए आरओ प्लांट का अब पीजीआई के तहत विभाग से अधूरा पड़ा काम पूरा कराया जाएगा।
इसकी योजना का खाका स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने तैयार किया है। फिलहाल नागरिक अस्पताल में फायर सेफ्टी लाइन डालने का काम चल रहा है। ये कार्य भी कंपनी ने अधर में छोड़ दिया था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। आरओ प्लांट चालू होने से नागरिक अस्पताल की सभी लैब, ऑपरेशन थियेटर और वार्डों में मरीजों को पीने का स्वच्छ पानी मिलेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने 2009 में एलएंडटी कंपनी को करीब एक करोड़ 10 लाख रुपये के बजट में नागरिक अस्पताल में दो परियोजनाओं को पूरा करने का कार्य सौंपा था। इसमें करीब 70 लाख के बजट से नागरिक अस्पताल में आरओ सिस्टम चालू किया जाना था जबकि करीब 40 लाख के बजट से फायर सेफ्टी सिस्टम चालू किया जाना था। एलएंडटी कंपनी ने काम तो शुरू किया मगर इसे निर्धारित अवधि में पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं कर पाई। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी कंपनी को डेफीसेंसी (कमी) के दायरे में डालकर छोड़ दिया।
करीब 14 सालों से नागरिक अस्पताल परिसर में आरओ प्लांट की मशीनरी जंग खा रही है। इसमें से अधिकांश मशीनें तो शायद अब जाम हो चुकी होंगी, जिन्हें इस्तेमाल कर पाना भी संभव नहीं होगा। भिवानी का जिला नागरिक अस्पताल अब पीजीआई का अस्पताल घोषित हो गया है। इसके तहत नागरिक अस्पताल में अधूरे पड़े आरओ सिस्टम को भी अब फिर से चालू कर इसका इस्तेमाल पीजीआई मेें आने वाले मरीजों व अस्पताल में किया जाएगा। इसी तरह एलएंडटी कंपनी ने फायर सेफ्टी के पाइप भी डालकर काम अधूरा छोड़ दिया था। इस सिस्टम को भी अब पूरा किए जाने का कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग प्राइवेट एजेंसी से पूरा करा रहा है।
अस्पताल के वार्डों में वाटर कूलर भी पड़े हैं खराब
नागरिक अस्पताल में दस वार्ड हैं। प्रत्येक वार्ड में वाटर कूलर भी लगे हैं, मगर अधिकांश वाटर कूलर बंद पड़े हैं। इनके अंदर पानी की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मरीज और तीमारदार बाहर से पीने का पानी लाने पर मजबूर हैं। आरओ सिस्टम चालू होने के बाद इसका पानी प्रत्येक वार्ड में पाइप लाइन के जरिए पहुंचेगा। जिसे वाटर कूलर में ठंडा या सुविधा अनुसार मरीजों को मुहैया कराया जा सकेगा। वाटर कूलरों में पानी खत्म होने की दिक्कत भी नहीं होगी, क्योंकि ये पानी पाइप लाइनों के जरिए पूरे अस्पताल परिसर में पहुंचेगा।
एलएंडटी कंपनी ने आरओ सिस्टम व फायर सिस्टम का काम अधूरा छोड़ दिया था। इसकी रिपोर्ट भी मुख्यालय को भेजी गई थी। काफी लंबे अर्से से आरओ सिस्टम बंद पड़ा है। अब नागरिक अस्पताल पीजीआई का हिस्सा बन चुका है। जिसे पीडब्ल्यूडी के माध्यम से इस प्लांट का काम पूरा कराया जाएगा। पीजीआई के पुराने अस्पताल और नए परिसर में भी आरओ सिस्टम के जरिए पाइपों से स्वच्छ पानी पहुंचेगा।
-डॉ रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।